मध्य प्रदेश में पेयजल के लिए 18 हजार करोड़ की योजनाएं

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर को मुलाकात के दौरान बताया कि, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर को मुलाकात के दौरान बताया कि, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर को मुलाकात के दौरान बताया कि, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.

  • Last Updated: July 22, 2016, 9:42 PM IST
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर को मुलाकात के दौरान बताया कि, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.



सीएम ने कहा कि, इसके लिए करीब 18 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली ग्राम समूह पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं. राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री चौहान ने अय्यर से कहा कि नर्मदा नदी के किनारे स्थित ग्रामों को प्राथमिकता से खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा.



प्रदेश में पिछले वर्ष सूखे के संकट के दौरान भी पेयजल की बेहतर व्यवस्था की गई. प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में तालाब निर्माण की योजना बनाई गई है. इसके तहत 4000 जल-संरचनाओं का काम शुरू हो गया है.





केंद्रीय सचिव परमेश्वरन ने कहा कि प्रदेश में जल-संरक्षण और स्वच्छता अभियान में अच्छा काम हुआ है. प्रदेश में जल निगम के माध्यम से पेयजल योजनाएं बनाई गई हैं. प्रदेश के करीब आठ जिले जल्दी ही खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) होने वाले हैं. राज्य में सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दिया जाए.
चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पंकज अग्रवाल, प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास नीलम शमी राव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा, प्रमुख अभियंता (लोक स्वास्थ्य) यांत्रिकी जीएस डामोर भी उपस्थित थे.
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