भाभी ने किया पति की मुंह बोली बहन का कत्ल, आखिर क्या है मर्डर की खौफनाक कहानी

खंडवा में मर्डर मिस्ट्री को पुलिस ने चौथे दिन सुलझा लिया. (सांकेतिक तस्वीर)

खंडवा में मर्डर मिस्ट्री को पुलिस ने चौथे दिन सुलझा लिया. (सांकेतिक तस्वीर)

Creepy Story: भाभी ने अपनी मुंहबोली ननद की हत्या कर दी. महिला को शक था कि उसके पति के लड़की के साथ अवैध संबंध हैं. भाभी जब ननद का गला घोंट रही थी, तब पति ने भी उसका साथ दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 3:43 PM IST
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खंडवा. फाइनेंस कंपनी की मैनेजर रानी को पता नहीं था कि जिस पत्नी से उसका दोस्त उसे मुंह बोली बहन बोलकर मिलवा करा रहा है, वही उसे एक दिन मौत से मिलवा देगी. और तो और उसका खास दोस्त भी इसमें पत्नी की मदद करेगा. रानी को उसके खास दोस्त एकलव्य और उसकी पत्नी ने मिलकर मार डाला.

रानी की हत्या की गुत्थी बड़वाह पुलिस ने चौथे दिन सुलझा ली. इंदौर में फाइनेंस कंपनी की मैनेजर रानी गढ़वाल हत्याकांड में उसके दोस्त एकलव्य और उसकी पत्नी पिंकी को गिरफ्तार किया गया है. एकलव्य है तो लाल चौकी खंडवा का निवासी, लेकिन फिलहाल बड़वाह में रह रहा था. उसके पिजा की नाम पूनमचंद मालवीय है. ASP जितेन्द्र सिंह पंवार, SDOP मानसिंह ठाकुर, TI संजय द्विवेदी ने मामले का खुलासा किया. 32 साल की रानी खेड़ापति हनुमान क्षेत्र रेलवे कॉलोनी, खंडवा की रहने वाली थी.

8 साल की दोस्ती थी दोनों की

पुलिस ने बताया कि रानी गायकवाड़ और एकलव्य मालवीय पिछले 8 साल से दोस्त थे. दोनों ही खंडवा में एक फाइनेंस कंपनी में साथ काम करते थे. बाद में प्राइवेट बैंक में भी साथ काम किया. एकलव्य को रानी राखी बांधती व भैया कहती थी. तीन साल पहले रानी की इंदौर में नौकरी लग गई. इसके बाद एकलव्य ने पिंकी से शादी की. एकलव्य ने रानी का परिचय मुंह बोली बहन के रूप में कराया था. फिलहाल एकलव्य कोई काम धंधा नहीं कर रहा था. बताया जा रहा है कि रानी से ही उधार रुपए लेकर एकलव्य जैसे-तैसे दिन गुजार रहा था.
जब अचानक घर पहुंची पिंकी

पिंकी को एकलव्य और रानी के संबंधों को लेकर शक हो गया था. पिंकी का यह शक उस वक्त यकीन में बदल गया जब वह मायके इलाज कराने आई. दरअसल, रानी 5 मार्च को अपनी टू व्हीलर से बड़वाह एकलव्य के घर पहुंची थी. 6 मार्च को एकलव्य का मोबाइल फोन बंद हो गया था. इधर, पिंकी अपने पति को बगैर बताए शाम 5 बजे सीधे बड़वाह पहुंची. घर पहुंचते ही उसे रानी दिखाई दी. इतना ही नहीं रानी ने पिंकी के कपड़े भी पहने हुए थे.

आगबबूला हो गई पिंकी



यह देख पिंकी आग बबूला हो गई. उसने रानी से मारपीट शुरू कर दी. तभी एकलव्य भी घर पहुंच गया. उसने पिंकी व रानी को समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ही नहीं माने. पिंकी ने रानी का गला दबा दिया. मारपीट के दौरान एकलव्य ने भी पत्नी का साथ दिया. दोनों ने मिलकर दुपट्‌टे से गला घोंटकर रानी को मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए निर्वस्त्र कर बोरे में भर दिया और रात 8 बजे डेहरिया रोड स्थित नहर में फेंक दिया. दोनों ने सोचा था कि लाश को नहर में फेंकने के बाद किसी को पता नहीं चलेगा. लेकिन लाश झाड़ियों में फंस गई. दो दिन बाद 8 मार्च की सुबह नाविक सुनील केवट ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी.

हाथ की रिंग और लॉकेट से हुई रानी की पहचान, पकड़े गए आरोपी

बड़वाह पुलिस ने लाश के फोटो सोशल मीडिया पर डाल दिए. कुछ घंटों बाद रानी की एक रिश्तेदार ने हाथ की रिंग और गले में पहने लॉकेट को पहचान लिया. इसके बाद रानी के मोबाइल की कॉल डिटेल पर पुलिस ने काम शुरू किया. जांच में पता लगा कि रानी शुक्रवार सुबह एकलव्य से मिली थी. शाम को दोनों एक साथ इंदौर से रवाना हुए. मोबाइल की लोकेशन भी दो दिनों तक एकलव्य के बड़वाह तिलक मार्ग स्थित आवास के आसपास ही मिली. संदेह होते ही पुलिस ने एकलव्य को पूछताछ के लिए उठा लिया. बाद में उसकी पत्नी को खंडवा से हिरासत में लिया. दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने पर आरोपियों ने रानी की हत्या को कबूल कर लिया.
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