12 साल की रेप पीड़िता की डिलिवरी, कोर्ट ने नहीं दी थी अबॉर्शन की मंजूरी
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12 साल की रेप पीड़िता की डिलिवरी, कोर्ट ने नहीं दी थी अबॉर्शन की मंजूरी
सांकेतिक तस्वीर

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बरुड थाना क्षेत्र की 12 वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित बालिका ने मंगलवार रात खरगोन के जिला अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया है.

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मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बरुड थाना क्षेत्र की 12 वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित बालिका ने मंगलवार रात  जिला अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया.

खरगोन जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. इंदिरा गुप्ता ने बताया, ‘‘बालिका का सिजेरियन पद्धति से प्रसव कराया गया. बच्‍चे का वजन 2.6 किलोग्राम है.’’

उन्होंने बताया कि जच्चा, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल प्रबंधन ने नियमानुसार स्थानीय पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दे दी है ताकि अग्रिम जांच के लिए नवजात का डीएनए परीक्षण कराया जा सके.
उधर, पीड़िता के वकील राजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि पीड़िता के माता-पिता शिशु को अपनाने के लिए तैयार हैं और वह कुछ संस्थानों तथा व्यक्तियों से चर्चा कर रहे हैं, जो शिशु की कम से कम एक वर्ष की परवरिश का इंतजाम कर सकें.
उल्लेखनीय है कि पीड़ित बालिका ने 24 अगस्त 2017 को बरुड थाना पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया था जिसके मुताबिक उसके 21 वर्षीय चचेरे भाई तथा इंजीनियरिंग छात्र द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने के चलते उसे गर्भ ठहर गया था. बालिका की शिकायत के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.



पुलिस में शिकायत दर्ज कराते समय पीड़िता को 20 हफ्ते से अधिक का गर्भ था तथा पीड़िता के पिता ने अगस्त माह में अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर सामाजिक, आर्थिक और बालिका के जीवन के खतरे के मद्देनजर उसका गर्भपात कराने का निवेदन किया था. विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने इस आवेदन को अस्वीकार कर दिया था.

परमार ने कहा कि निचली अदालत की इस निर्णय के विरुद्ध पीड़िता के पिता ने सितम्बर के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इन्दौर खंडपीठ में अपील की थी लेकिन न्यायालय ने पुनः पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने के बाद प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर उसके गर्भपात की इजाजत न देते हुए विशेषज्ञों की निगरानी में गर्भ को विकसित करने की सलाह दी थी.
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