Home /News /madhya-pradesh /

strange coincidence husband died in the sorrow of wife took out the last journey together mpsg

जिंदगी के साथ भी-जिंदगी के बाद भी : पत्नी की मौत के गम में पति ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठीं अर्थी

Pati-Patni ki Antim Yatra. खरगोन में पत्नी की मौत के 8 घंटे बाद पति ने भी दम तोड़ दिया. दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गयी.

Pati-Patni ki Antim Yatra. खरगोन में पत्नी की मौत के 8 घंटे बाद पति ने भी दम तोड़ दिया. दोनों की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गयी.

Ajab Sanyog : सात फेरे और सात जन्मों का साथ, साथ जीने-मरने के वादे-कसमें तो बहुत सुने हैं. लेकिन खरगोन में ये सच हो गया. यहां के देवलगांव में पत्नी के वियोग में पति ने भी दम तोड़ दिया. पत्नी 80 बरस की थीं और पति 90 साल के. दोनों की एक साथ अर्थी उठीं. जिसने भी ये देखा उसकी आंखें नम हो गयीं. जीवन भर साथ निभाने वाले इस बुजुर्ग दंपति की शव यात्रा भी बैंड बाजे और डीजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए निकली. परिवार और गांव वालों ने अंतिम विदाई देकर बुजुर्ग दम्पत्ति का अंतिम संस्कार किया.

अधिक पढ़ें ...

खरगोन. खरगोन जिले में एक अजब दुखद संयोग हुआ. यहां पत्नी के गम में पति ने भी दम तोड़ दिया. हालांकि दोनों बुजुर्ग थे. लेकिन ऐसा प्रेम और संयोग देख पूरा गांव भावुक हो गया. बुजुर्ग दंपति की अर्थी एक साथ उठीं. गांव और परिवारवालों ने बाजे गाजे के साथ दोनों को एक साथ अंतिम विदाई दी.

सात फेरे और सात जन्मों का साथ, साथ जीने-मरने के वादे-कसमें तो बहुत सुने हैं. लेकिन खरगोन में ये सच हो गया. यहां के देवलगांव में पत्नी के वियोग में पति ने भी दम तोड़ दिया. पत्नी 80 बरस की थीं और पति 90 साल के. दोनों की एक साथ अर्थी उठीं. जिसने भी ये देखा उसकी आंखें नम हो गयीं. जीवन भर साथ निभाने वाले इस बुजुर्ग दंपति की  शव यात्रा भी बैंड बाजे और डीजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए निकली. परिवार और गांव वालों ने अंतिम विदाई देकर बुजुर्ग दम्पत्ति का अंतिम संस्कार किया.

संयोग का साक्षी बना गांव
खरगोन जिले के गोगांवा थाने के देवलगांव इस अजब संयोग का साक्षी बना. यहां रहने वाली 80 वर्षीय सीताबाई की मौत हो गयी. उनके निधन से परिवार शोक में था कि तभी 8 घंटे बाद 90 साल के उनके पति नागू गोस्वामी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. परिवार स्तब्ध रह गया. गोस्वामी दंपति का करीब 60 साल पहले विवाह हुआ था. विवाह के समय जीवनभर साथ निभाने का वादा करने वाले दंपति अंतिम यात्रा पर भी साथ रवाना हो गए.

ये भी पढ़ें- PHOTOS : इंदौर में एक शिव मंदिर पर बरसों से पड़ा है ताला, बीजेपी विधायक ने लिखा पत्र..

एक साथ उठी अर्थी
दोनों बुजुर्गों की एक साथ मौत के सदमे से परिवार थोड़ा संभला और अंतिम यात्री की तैयारी की. दोनों की अर्थी एक साथ उठी. समाज के लोग इसमें शामिल हुए. बैंड बाजे की धुन पर शव यात्रा निकाली गयी. बेटे कैलाश ने पिता और बेटे श्याम ने मां को मुखाग्नि दी. लोगों का कहना है दोनो में अटूट प्रेम था. एक दूसरे के बिना नहीं रहते थे. बुजुर्ग पत्नि की मौत के करीब 8 घंटे बाद पति की भी मौत हो गई. दोनों मजदूर थे और काम पर भी एक साथ जाते थे. गोस्वामी दंपति एक साथ आदिवासी क्षेत्र में जाकर महिलाओं के नाक-कान छेदने थे. श्रृंगार सामग्री भी बेचते थे. दोनों ने खेतों में कपास की चुनाई, मिर्च तुड़ाई, निंदाई, गुढ़ाई कर परिवार को पाला. चार बेटों और दो बेटियों का विवाह किया. नाती-पोतों की भी शादियां हो चुकी हैं. हालांकि उम्र की इस दहलीज पर पहुंचने के बाद दोनों एक साथ पिछले 3 वर्ष से घर पर ही रह रहे थे.

Tags: Dead body, Madhya pradesh latest news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर