साध्‍वी प्रज्ञा के बयान से BJP का किनारा, कहा- हमने हेमंत करकरे को हमेशा शहीद माना

मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 26/11 के शहीद के खिलाफ बयान देने को लेकर साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ शिकायत मिली है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

News18Hindi
Updated: April 19, 2019, 6:31 PM IST
साध्‍वी प्रज्ञा के बयान से BJP का किनारा, कहा- हमने हेमंत करकरे को हमेशा शहीद माना
साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर (फाइल फोटो)
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Updated: April 19, 2019, 6:31 PM IST
26/11 आतंकी हमले के शहीद और पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे के बारे में साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है. पार्टी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हेमंत करकरे आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्‍त हुए. बीजेपी ने हमेशा उन्‍हें शहीद माना है. पार्टी ने कहा कि जहां तक साध्‍वी प्रज्ञा के इस संदर्भ में बयान का विषय है, तो ये उनका निजी बयान है. जो वर्षों तक उन्‍हें हुई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया है.

प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी. जिसपर आयोग ने जांच शुरू कर दी है. इसपर मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 26/11 के शहीद के खिलाफ बयान देने को लेकर साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ शिकायत मिली है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.



वहीं आईपीएस एसोसिएशन ने भी शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की. एसोसिएशन ने ट्वीट किया, 'अशोक चक्र से सम्मानित दिवंगत आईपीएस हेमंत करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. हम सभी ने एक उम्मीदवार द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान की निंदा की है. ऐसा बयान शहीद हेमंत करकरे का अपमान है. हमनें मांग की कि सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान किया जाए.'

बता दें कि साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 26/11 हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को उनके कर्मों की सजा मिली. उनके कर्म ठीक नहीं थे, इसलिए उन्हें संन्यासियों का श्राप लगा था. साध्वी प्रज्ञा ने कहा, 'जिस दिन मैं जेल गई थी उसके 45 दिन के अंदर ही आतंकियों ने उसका अंत कर दिया.'



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भोपाल में मीडिया से बात करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा, 'एटीएस मुझे 10 अक्टूबर 2008 को सूरत से मुंबई लेकर गई थी. वहां 13 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया. पुरुष एटीएस कर्मियों ने इस दौरान मुझे खूब प्रताड़ित किया. पूर्व एटीएस चीफ हेमंत करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा और मेरे जेल जाने के करीब 45 दिन बाद ही वह 26/11 के आतंकी हमले का शिकार हो गए.'
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वर्ष 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमले में मारे गए 166 लोगों के अलावा आतंकियों की गोलियों से मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे और एनकाउंटर विशेषज्ञ विजय सालस्कर सहित 17 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे.

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