लाइव टीवी

भालुओं को मार कर खाता था उनके प्राइवेट पार्ट, फिर दूसरे अंगों की करता था तस्करी

News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 12:21 PM IST
भालुओं को मार कर खाता था उनके प्राइवेट पार्ट, फिर दूसरे अंगों की करता था तस्करी
यारलेन पर मध्यप्रदेश में दो भालू और एक बाघ, महाराष्ट्र में तीन बाघों का शिकार करने का आरोप है. (फाइल फोटो)

कुख्यात शिकारी यारलेन एसटीएफ के रडार पर तब आया जब कई भालू मृत पाए गए और उनके गुप्तांग गायब मिले. इसके साथ ही यह बात फैलने लगी कि यारलेन भालुओं का शिकार कर उनके गुप्तांग खा जाया करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2019, 12:21 PM IST
  • Share this:
भोपाल. बाघों (Tigers) और भालुओं (Sloth Bears) को निशाना बनाने वाले कुख्यात शिकारी (Poacher) यारलेन को पुलिस (Police) ने छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया है. खास बात है कि यारलेन केवल शिकार और तस्करी को लेकर ही कुख्यात नहीं है, बल्कि वो अपने अजीबोगरीब शौक और सनक के लिए भी कुख्यात है. चर्चा है कि वो भालू को मारने के बाद उसका गुप्तांग (Private Part) खा जाता है. बता दें कि आदिवासी इलाकों में यह मान्यता है कि ऐसा करने से पौरुष बढ़ता है, हालांकि इसका कोई प्रामाणिक आधार नहीं है. साथ ही भालू का शिकार उसके गॉल ब्लैडर और बाइल बेचने के लिए भी किया जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी काफी कीमत मिलती है क्योंकि माना जाता है कि इससे बनने वाली दवाओं से कैंसर (Cancer), तेज दर्द (Pain) और दमा (Asthma) जैसी बीमारियों में आराम मिलता है.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) वन्य जीव एसटीएफ (Wild Life Special Task Force) के प्रमुख नितेश सिरोथिया ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक इस तरह के दावों का कोई भी प्रमाण नहीं मिल सका है.

कई नाम, कई पहचान
तस्करी की दुनिया में यारलेन को कई नाम से जाना जाता है. यारलेन, जसरात और लुजालेन उसके प्रचलित नाम हैं. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने यारलेन को 19 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से कई आधार कार्ड, तीन फर्जी वोटर आईडी भी मिले हैं. फॉरेस्ट एसटीएफ के गठन के बाद यारलेन उनके पहले निशाने पर था और लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी. वो एसटीएफ के रडार पर तब आया जब कई भालू मृत पाए गए और उनके गुप्तांग गायब मिले. इसके साथ ही यह बात फैलने लगी कि यारलेन भालुओं का शिकार कर उनके गुप्तांग खा जाया करता है.

पहले भी पकड़ा जा चुका है
सिरोथिया ने बताया कि यारलेन पर मध्य प्रदेश में दो भालू और एक बाघ, महाराष्ट्र में तीन बाघों का शिकार करने का आरोप है. यारलेन को सबसे पहले वर्ष 2014 में गिरफ्तार किया गया था लेकिन तब उसे बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. जमानत के दौरान ही वो अचानक गायब हो गया और फिर उसने गुजरात को अपना ठिकाना बनाया. इसके बाद एसटीएफ ने उसे वडोदरा हाईवे के पास एक छोटी सी झोंपड़ी से गिरफ्तार किया. एसटीएफ के अनुसार यारलेन ने बताया कि वो एक गांव से दूसरे गांव भागता रहा. इस दौरान वो वहां के प्रमुखों को रिश्वत में शिकार किए गए जानवर और अन्य सामान देकर कुछ दिनों तक छिपता रहा.

15 साल की उम्र से कर रहा शिकार
Loading...

एसटीएफ की पूछताछ में यारलेन ने बताया कि वो 15 साल की उम्र से जंगली जानवरों का शिकार करता आया है. उसने कई बाघ, भालू और जंगली सूअरों का शिकार किया है. बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर बाजार में यारलेन जंगली जानवरों की खाल, नाखून और अन्य अंगों का बड़ा सप्लायर है. पूछताछ के आधार पर एसटीएफ अब उसके दिल्ली और बॉर्डर के संपर्क ढूंढने में लगी है.

टी-13 बाघिन की मौत का राज खुला
यारलेन की गिरफ्तारी के साथ ही टी-13 बाघिन की मौत का राज भी खुल गया. वर्ष 2012 में पेंच अभ्यारण्य से टी-13 बाघिन अचानक गायब हो गई थी. बाद में उसकी खाल नेपाल से एक साल बाद बरामद की गई थी. इस मामले में नेपाल के शिकारी लोदू दीम को काठमांडू एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. बाद में पता चला था कि उसका शिकार भी यारलेन ने किया था. अब एसटीएफ इंटरपोल और नेपाल पुलिस से संपर्क कर लोदू दीम के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.

ये भी पढ़ेंः MP हाईकोर्ट ने दी 11 साल की बच्ची के गर्भपात की इजाजत, ये है मामला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 23, 2019, 11:56 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...