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Dussehra 2022: दशहरे पर मंडला के खिलाड़ियों का खास अंदाज, खेल में यूज होने वाले सामान का किया पूजन

मंडला में खिलाड़ियों ने अपने सामान की पूजा की.

मंडला में खिलाड़ियों ने अपने सामान की पूजा की.

Dussehra 2022: दशहरा यानी विजयादशमी के मौके पर देशभर में शस्त्र पूजन होता है. इस बीच मध्‍य प्रदेश के मंडला से अनोखी तस् ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट-आलेख तिवारी

मंडला. आम तौर पर दशहरे में सिर्फ बंदूक, तलवार, त्रिशूल, लाठी और डंडों की पूजा की जाती है, लेकिन आज मंडला जिले में विजयादशमी के अवसर पर अनोखी शस्त्र पूजा देखने को मिली. दरअसल यहां शस्त्र के रूप में मंडला जिले के महात्मा गांधी स्टेडियम में खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में प्रयोग आने वाली सामग्रियों को अस्त्र मानते हुए उनकी पूजा की है. इस पूजा के बीच खिलाड़ियों का लोगों के लिए एक बड़ा संदेश छिपा हुआ है.

दरअसल विजयादशमी के अवसर पर सनातन संस्कृति को मानने वाले अस्त्र-शस्त्र की पूजा पूरे विधि विधान से करते हैं. ऐसा माना जाता है कि विजयादशमी यानी दशहरा पर शस्त्र पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. इसी मान्यता के आधार पर हिन्दु धर्म के लोग अपने-अपने अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते है, लेकिन मंडला शहर में कुछ अलग ही तस्वीर देखने को मिली है. शहर के महात्मा गांधी स्टेडियम में खिलाड़ियों ने एक साथ एकत्रित होकर अपने अपने खेल उपकरण और साथ में मैदान की दशहरे के अवसर पर शस्त्र मानकर पूजा की. इस दौरान शस्त्र पूजा वाले सभी रीति रिवाज निभाए गए. खिलाड़ियों ने पूरी श्रद्धा-भक्ति के साथ अपने ग्राउंड और खेल में उपयोग आने वाले बल्ले और बॉल, फुटबाल, जूते, गदा और बैडमिटन किट की पूजा की. इस दौरान सभी ने मां शक्ति से दुआ मांगी कि खेल प्रतिभाएं मंडला जिले से आगे बढ़ें और किसी सितारे की भांति देश और दुनिया में चमकें.

खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है प्रमुख उद्देश
किक्रेट खेलने वाले 14 वर्षीय खिलाड़ी अजय ने बताया कि इस दिन सभी अपने-अपने अस्त्र और शस्त्र की पूजा करते हैं. वहीं, हमारा अस्त्र हमारा बल्ला और बॉल है जिसकी हमने पूजा की है. इस अवसर पर नेशनल वुशू चैंपियन और गोल्ड मेडलिस्‍ट पूर्णिमा रजक ने बताया कि इस तरह का आयोजन सिर्फ मंडला में ही होता है और इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ी एक साथ इकट्ठा होकर पूरी एकता के साथ खेल भावना का परिचय देते हुए अपने खेल उपकरणों की पूजा करते हैं.

वहीं, आयोजक शैलेश दुबे के मुताबिक, खिलाड़ियों में आपस में खेल भावना बढ़ाने के लिए इस पूजन की शुरुआत की थी. इसका सिर्फ एक ही उद्देश्य था कि बच्चों में खेल भावना बनी रहे और आपस में परिचय हो. साथ ही अलग-अलग क्षेत्र के बच्चे अलग-अलग आयोजन में हिस्सा लें और जिले का नाम प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में रोशन करें. इस अनोखी शस्त्र पूजा की पूरे शहर भर में जमकर तारीफ हो रही है. इन खिलाडियों का लोगों को यही संदेश है कि आपकी पहचान में जिस चीज का योगदान है,हमेशा उसकी इज्जत और सम्मान किया जाना चाहिए.

Tags: Dussehra Festival, Mandla news

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