Shameful: कलियुगी मां ने 10 हजार में किया नाबालिग बेटी का सौदा

Shrinivas choudhary | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 28, 2015, 4:37 PM IST
Shameful: कलियुगी मां ने 10 हजार में किया नाबालिग बेटी का सौदा
सांकेतिक तस्वीर

मध्यप्रदेश के बालाघाट से सटे नागपुर में नाबालिग बच्ची का 10 हजार रुपए में सौदा करने का मामला सामने आया है. हालांकि नाबालिग लङ़की किसी तरह वहां से जान बचाकर भागकर बालाघाट के रामपायली पहुंची. जहां पर कुछ समाजसेवियों ने उसे चाइल्ड केयर को सौंपा दिया है.

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मध्यप्रदेश के बालाघाट से सटे नागपुर में नाबालिग बच्ची का 10 हजार रुपए में सौदा करने का मामला सामने आया है. हालांकि नाबालिग लङ़की किसी तरह वहां से जान बचाकर भागकर बालाघाट के रामपायली पहुंची. जहां पर कुछ समाजसेवियों ने उसे चाइल्ड केयर को सौंपा दिया है.

बताया जाता है कि कुछ माह पूर्व 15 वर्षीय आदिवासी नाबालिक लङकी अपने माता-पिता के साथ बालाघाट के अमई में रहती थी. लड़की के पिता गांव-गांव जड़ी-बूटी बेचकर परिवार का भरण पोषण किया करते थे, लेकिन एक दिन पिता के अचानक देहांत के बाद मां पूरे परिवार सहित अपने मायके महाराष्ट्र के नागपुर पहुंच गई.

बाल-विवाह का विरोध करने पर बाल काटे
नाबालिग बच्ची ने बताया कि, मां ने अपने भाई के साथ मिलकर एक अंबर नामक पचास वर्षीय अधेड़ के साथ शादी कराने के एवज में 10 हजार रुपए में बेचने का सौदा तय किया. जिसके बाद परिवार में नाबालिग लड़की की शादी की तैयारियां प्रारंभ हो गईं. जैसे ही यह बात पीड़िता को पता चली तो उसने उस शादी का विरोध करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने की बात कही.

इसके बाद भी मां और मामा ने नाबालिग की एक न सुनी और शादी करने के लिए एक कमरे में बंद कर मारपीट करके प्रताड़ित करने लगे. यहां तक कि नाबालिग 15 वर्षीय आदिवासी लड़की के बाल तक काट दिए गए. यह क्रम लगातार 15 दिनों तक चलता रहा, लेकिन एक दिन मौका पाकर पीड़ित लड़की वहां से फरार होकर नागपुर स्टेशन से किसी तरह तिरोङी नगर में पहुंची.

बुआ का भी आसरा नहीं मिला
वहां से बच्ची बुआ के घर रामपायली पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला. जिसके बाद वह इधर-उधर भटकती रही. तभी कुछ समाजसेवी लोगों द्वारा पीड़िता लड़की को रामपायली थाने में ले जाया गया, जहां पर उसने अपनी आप बीती सुनाई.
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हालांकि, मामला महाराष्ट्र राज्य के नागपुर में होने के कारण रामपायली थाना पुलिस द्वारा उसके मां, मामा व खरीददार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच के लिये केस डायरी नागपुर भेज दी है.

चाईल्ड केयर को सौंपा
बताया जाता है कि उसके बाद बच्ची को पुलिस के आला अफसर वारासिवनी स्थित बाल कल्याण समिति के सदस्य नीरज अरोङा के पास ले गए, जहां से भटेरा स्थित चाईल्ड केयर में बच्ची को रखा गया है.

हालांकि संस्था द्वारा पीङिता की बुआ की खोज की जा रही है. यदि बालिक बुआ के पास रहना चाहेगी तो उसे सौंप दिया जाएगा. बहरहाल, पीड़िता चाईल्ड केयर सोसाईटी में रह रही है.

 

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First published: August 28, 2015, 3:56 PM IST
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