एमपी में रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद, BJP नेताओं पर गंभीर आरोप
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एमपी में रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद, BJP नेताओं पर गंभीर आरोप
नर्मदा और उसकी सहायक नदियों से रेत का अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है.

आरोप है कि सत्ता की धौंस दिखाकर बीजेपी नेता रेत के अवैध कारोबार में लिप्त हैं, लिहाजा इनके खिलाफ जिला प्रशासन कार्यवाही करने से भी कतराता है

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मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी कही जाने वाली नर्मदा नदी का जलस्तर दिनोदिन तेजी से गिर रहा है. नर्मदा के गिरते जलस्तर को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पर्यावरणविद काफी चिंतित हैं और नर्मदा को स्वच्छ एवं हराभरा रखने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा तमाम कोशिशें की जा रही हैं.

वहीं दूसरी तरफ मंडला जिले में नर्मदा की मुख्य सहायक नदियों से रेत का अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है. रेत माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वो नदियों को खोखला करने में लगे हुए हैं. आरोप है कि सत्ता की धौंस दिखाकर बीजेपी नेता रेत के अवैध कारोबार में लिप्त हैं, लिहाजा इनके खिलाफ जिला प्रशासन कार्यवाही करने से भी कतराता है.

गौरतलब है कि नर्मदा की मुख्य सहायक नदियों का दुष्प्रभाव सीधे नर्मदा नदी पर पड़ रहा है. ग्रामीणों ने रेत का अवैध कारोबार करने वाले बीजेपी नेताओं की शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर सूबे के मुख्यमंत्री तक से की है लेकिन अबतक उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई है.



ग्रामीणों ने बताया कि दिनरात रेत के अवैध उत्खनन के कारण नदियां सूख गई है जिसके कारण उनके गांव के तमाम जलस्रोतों का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है. स्थानीय विधायक संजीव उइके ने रेत के अवैध उत्खनन के मामले में बीजेपी नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए जिलाप्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है, वहीं खनिज विभाग के अधिकारी नई रेत नीति का हवाला देकर अपनी जवाबदारियों से पल्ला झाड़ते हुये नजर आ रहे हैं.
सुरपन और मटियारी नर्मदा की मुख्य सहायक नदियां हैं, जिनमें दिनरात से रेत का अवैध उत्खनन होने के कारण नदियों के अस्तित्व संकट में नजर आ रहा है. इतना ही नहीं मोहगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढ़नेर नदी की धारा को रोकते हुए नदी के अंदर से रेत निकालने के लिए रेत माफिया द्वारा नदियों के बीच में बाकायदा सड़कें बना ली गई है.

बताया जा रहा है कि मोहगांव थाना इलाके में बुढ़नेर नदी पर बीजेपी नेता सुशील मिश्रा ने कथित रूप से अपना कब्ज़ा जमा लिया है. ठीक वैसे ही नर्मदा की अन्य सहायक नदियों पर अपने अपने इलाके के बीजेपी नेताओं ने अपना कब्ज़ा बरकरार रखा है. नदियों से रेत चोरी कर नेता मनमाने दामों में रेत बेचकर मुनाफा कमाते हैं.
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