शिवराज सरकार के मंत्रियों में नक्सल खौफ! नक्सल प्रभावित जिलों में नहीं फहराएंगे तिरंगा

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का खौफ जितना आम लोगों में है, उससे कहीं ज्यादा राज्य सरकार के मंत्रियों में दिख रहा है. आलम ये है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सल प्रभावित प्रभावित जिलों में ध्वजारोहण करने से बच रहें हैं. इनका कमाल देखिए नक्सल प्रभावित जिलों में खुद झंडा फहराने की बजाए कलेक्टरों के आगे कर दिया है जबकि स्वयं गृह जिलों में या फिर दूसरे जिलों में ध्वजारोहण करेंगे. प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और अनूपपुर में कलेक्टर ही तिरंगा फहरायेंगे.
मध्यप्रदेश में नक्सलियों का खौफ जितना आम लोगों में है, उससे कहीं ज्यादा राज्य सरकार के मंत्रियों में दिख रहा है. आलम ये है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सल प्रभावित प्रभावित जिलों में ध्वजारोहण करने से बच रहें हैं. इनका कमाल देखिए नक्सल प्रभावित जिलों में खुद झंडा फहराने की बजाए कलेक्टरों के आगे कर दिया है जबकि स्वयं गृह जिलों में या फिर दूसरे जिलों में ध्वजारोहण करेंगे. प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और अनूपपुर में कलेक्टर ही तिरंगा फहरायेंगे.

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का खौफ जितना आम लोगों में है, उससे कहीं ज्यादा राज्य सरकार के मंत्रियों में दिख रहा है. आलम ये है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सल प्रभावित प्रभावित जिलों में ध्वजारोहण करने से बच रहें हैं. इनका कमाल देखिए नक्सल प्रभावित जिलों में खुद झंडा फहराने की बजाए कलेक्टरों के आगे कर दिया है जबकि स्वयं गृह जिलों में या फिर दूसरे जिलों में ध्वजारोहण करेंगे. प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और अनूपपुर में कलेक्टर ही तिरंगा फहरायेंगे.

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मध्यप्रदेश में नक्सलियों का खौफ जितना आम लोगों में है, उससे कहीं ज्यादा राज्य सरकार के मंत्रियों में दिख रहा है. आलम ये है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर नक्सल प्रभावित प्रभावित जिलों में ध्वजारोहण करने से बच रहें हैं. इनका कमाल देखिए नक्सल प्रभावित जिलों में खुद झंडा फहराने की बजाए कलेक्टरों के आगे कर दिया है जबकि स्वयं गृह जिलों में या फिर दूसरे जिलों में ध्वजारोहण करेंगे. प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और अनूपपुर में कलेक्टर ही तिरंगा फहरायेंगे.

झंडा ऊंचा रहे हमारा, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा इस नारे के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी गई और हजारों लोगों ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया लेकिन, तब के नेताओं और अब के नेताओं में फर्क है. फर्क ऐसा कि आज के नेता स्वतंत्रता दिवस पर हाईअलर्ट एरिया में ध्वजारोहण करने से बच रहे हैं.

दरअसल, नक्सली हमले की आशंका ने राज्य के खुफिया तंत्र के साथ ही सरकार के मंत्रियों को भी दहशत में डाल रखा है. सबसे ज्यादा आतंकित वे मंत्री हैं, जिनके पास नक्सल प्रभावित जिलों के प्रभार हैं और 15 अगस्त पर उन्हें परेड की सलामी लेकर वहां ध्वजारोहण करने जाना होता है लेकिन मंत्रियों ने अब लाल आतंकवाद यानि नक्सल प्रभावित जिलों में न जाने की तरकीब निकाल ली है।. इन मंत्रियों ने स्वाधीनता दिवस पर अपने नक्सल प्रभावित प्रभार वाले जिले में झंडा फहराने की बजाए गृह जिले या फिर दूसरे जिलों में ध्वजारोहण करने का फैसला किया है.



इन दहशतजदा मंत्रियों में वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री जयंत मलैया का नाम सबसे ऊपर है. मलैया के पास प्रदेश का सर्वाधिक नक्सल प्रभावित बालाघाट का जिले का प्रभार है लिहाजा, बालाघाट की बजाए जयंत मलैया ने गृह जिले दमोह में झंडा फहराने का फैसला किया है.
इसी तरह उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता नक्सल प्रभावित शहडोल जिले के प्रभारी हैं, लेकिन उमाशंकर गुप्ता शहडोल की बजाए ध्वजारोहण करने के लिए कटनी जा रहे हैं. खनिज और ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल पैर पसारते लालआतंक वाले जिले में शामिल हो चुके सिंगरौली के प्रभारी मंत्री हैं, लेकिन राजेन्द्र शुक्ल सिंगरौली की जगह गृह जिले रीवा में झंडारोहण करेंगे.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री शरद जैन के पास मंडला और डिंडौरी जिले के प्रभारी हैं. बालाघाट के बाद मंडला और डिंडौरी प्रदेश का सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिला है, लेकिन शरद जैन दोनों नक्सल जिलों को छो़ड़कर 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराने अपने गृह जिले जबलपुर जाएंगे.

आदिमजाति कल्याण मंत्री ज्ञानसिंह, नक्सल प्रभावित जिलों सीधी और अनूपपुर के प्रभारी हैं, लेकिन ज्ञान सिंह स्वतंत्रता दिवस पर दोनों जिलों को छोड़कर अपने गृह जिले उमरिया में ध्वाजारोहण करेंगे.

फिलहाल, राज्य सरकार ने भी अपने मंत्रियों की हिफाजत को ध्यान में रखते हुए नक्सल प्रभावित जिलों बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सीधी, शहडोल, सिंगरौली और उमरिया में कलेक्टरों को ध्वजारोहण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
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