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कबाड़ से जुगाड़ कर शिक्षक ने बच्चों के लिए बनाई अनोखी मस्ती की पाठशाला, खेल-खेल में होती पढ़ाई

शिक्षक ने कबाड़ से कर दिया ऐंसा जुगाड़ की बच्चे पढ़ाई में दिखा रहे हैं रुचि. 

शिक्षक ने कबाड़ से कर दिया ऐंसा जुगाड़ की बच्चे पढ़ाई में दिखा रहे हैं रुचि. 

कहावतों में शिक्षकों की तुलना कुम्हार से कि जाती हैं जो नये नये तरीके इजाद कर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं. ताकि विद्यार ...अधिक पढ़ें

    आलेख तिवारी/मंडला. मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक स्कूल में बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने के लिए कबाड़ से जुगाड़ बनाए गए हैं. यहां दीवारों पर चित्रकारी का सहारा लिया जा रहा है. शिक्षक का यह तरीका विद्यार्थियों को काफी रास भी आ रहा है. विद्यार्थी बड़ी ही रुचि के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं और पढ़ाई भी पूरे मनोयोग से कर रहे हैं. क्योंकि उनके शिक्षक प्रियदर्शन पटेल ने विद्यार्थियों का मन पढ़ाई लिखाई में लगाने के लिए कबाड़ में भी जुगाड़ ढूंढकर कर शिक्षा देने का नायाब तरीका ईजाद किया है जैसे कि यदि प्राथमिक शाला के नन्हें मुन्ने बच्चों को अ- अनार पढ़ाना है.तो ये किताबें नहीं खोलते बल्कि पेड़ दिखाकर व खेल-खेल में पढ़ाई करवाते हैं.

    शिक्षक ने छोटे- छोटे बच्चों को शिक्षा की ओर आकर्षित करने के लिए अपने स्कूल के मैदान के प्रवेश द्वार से लेकर स्कूल की कक्षाओं की दीवारों तक इतने नवाचार किए हैं कि विद्यालय प्रांगण में टहलने मात्र से हिन्दी वर्ण माला सहित अन्य पाठ्यक्रम बड़ी ही आसान भाषा में समझ आ जाते है. बच्चों को शिक्षा देने का अनोखा तरीका प्राथमिक शाला टिकरिया का है जहां दीवारों पर आकर्षक रंग रोगन के साथ हिन्दी के स्वर व व्यंजन को उकेरा गया है.

    हर विषय की सामग्री के लिए लिया कबाड़ का सहारा
    यहां केवल हिन्दी ही नहीं बल्कि गणित सहित अन्य विषयों की सहायक सामग्री का भी कबाड़ से जुगाड़ किया गया है. हिन्दी वर्णमाला को समझाने के लिये पेड़ -पौधों, कंकड़-पत्थरों का सहारा लिया जाता है तो गणित को समझने के लिऐ लिये पुराने अनुपयोगी पहियों का सहारा लिया जाता है साथ ही शिक्षक के द्वारा नाच गान करके भी गणित जैसे विषय की कठिनाई समाप्त कर दी जाती है. ये सब सहायक सामग्रियों के उपयोग किये जाने का यह आशय बिल्कुल भी नहीं है कि यहां आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को वंचित रखा जा रहा है यहां स्मार्ट टीवी और कम्प्यूटर भी है, जिनकी सहायता भी सिक्षको और विद्यार्थियो के द्वारा आवश्यकतानुसार ली जाती है. प्राथमिक शाला टिकरिया के विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान की जानकारी भी दी जाती है स्कूल के इन बच्चों को स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का नाम याद है.

    Tags: Madhya pradesh news, Mandla news

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