Home /News /madhya-pradesh /

इस मंदिर में महिलाओं को नहीं मिलता प्रवेश, अर्जी देकर होती है मुरादें पूरी

इस मंदिर में महिलाओं को नहीं मिलता प्रवेश, अर्जी देकर होती है मुरादें पूरी

मंडला से 10 किलोमीटर दूर ह्यदयनगर गांव में छपरी वाले माता का एक अनोखा मंदिर है. जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर के पुजारी महिलाओं के प्रवेश को लेकर तरह-तरह की कहानी बताते हैं. वहीं इस मंदिर में विराजी माता की महिमा भी बड़ी दिलचस्प है. बताया जाता है इस मंदिर मे परेशान आदमी अपनी समस्या एक अर्जी में लिखकर माता के चरणों पर रख दे तो उसकी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

मंडला से 10 किलोमीटर दूर ह्यदयनगर गांव में छपरी वाले माता का एक अनोखा मंदिर है. जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर के पुजारी महिलाओं के प्रवेश को लेकर तरह-तरह की कहानी बताते हैं. वहीं इस मंदिर में विराजी माता की महिमा भी बड़ी दिलचस्प है. बताया जाता है इस मंदिर मे परेशान आदमी अपनी समस्या एक अर्जी में लिखकर माता के चरणों पर रख दे तो उसकी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

मंडला से 10 किलोमीटर दूर ह्यदयनगर गांव में छपरी वाले माता का एक अनोखा मंदिर है. जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर के पुजारी महिलाओं के प्रवेश को लेकर तरह-तरह की कहानी बताते हैं. वहीं इस मंदिर में विराजी माता की महिमा भी बड़ी दिलचस्प है. बताया जाता है इस मंदिर मे परेशान आदमी अपनी समस्या एक अर्जी में लिखकर माता के चरणों पर रख दे तो उसकी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

अधिक पढ़ें ...
मंडला से 10 किलोमीटर दूर ह्यदयनगर गांव में छपरी वाले माता का एक अनोखा मंदिर है. जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर के पुजारी महिलाओं के प्रवेश को लेकर तरह-तरह की कहानी बताते हैं. वहीं इस मंदिर में विराजी माता की महिमा भी बड़ी दिलचस्प है. बताया जाता है इस मंदिर मे परेशान आदमी अपनी समस्या एक अर्जी में लिखकर माता के चरणों पर रख दे तो उसकी मुरादें पूरी हो जाती हैं.

शराब चढ़ाने की परंपराः

इस मंदिर मे ज्यादातर संतान का चाह रखने वाले व चोरी गए सामान का पता लगाने वाले श्रद्धालु बड़ी दूर-दूर से पहुंचते है. मुराद पूरी होने के बाद छपरी माता में बकरी की बलि और शराब चढाने की परंपरा हैं. मंदिर में ये परंपरा दशकों से चली आ रही है.

उमड़ती है भक्तों की भीड़:

इस मंदिर केवल जिले के ही नहीं बल्कि पूरे देश भर के लोग पहुंचते हैं. तरह-तरह की मन्नतों को लेकर श्रद्धालु भक्ति भाव से पूजा करते हैं. मान पूरी होने नियम और विधि-विधान से पूजा करने श्रद्धालु वापस आते हैं.

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर