खुलासा: बैंक कर्मचारी ने पत्नी, मां के खाते में जमा करवाए मंदिर के 49 लाख रुपये
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खुलासा: बैंक कर्मचारी ने पत्नी, मां के खाते में जमा करवाए मंदिर के 49 लाख रुपये
जिला सहकारी बैंक

दुधाखेड़ी माता मंदिर में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और मंदिर की आय बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर इसका जीर्णोद्धार करवाने का निर्णय लिया है. शासन द्वारा मंदिर समिति को करोड़ों रुपये प्राप्त हुए हैं. मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष भी स्वयं जिला कलेक्टर है.

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मध्य प्रदेश के मंदसौर के प्रसिद्ध दुधाखेड़ी माता मंदिर को दान में मिली राशि को जिला सहकारी बैंक के एक कर्मचारी द्वारा रिश्तेदार के खाते में जमा करवाने का मामला सामने आया है. कर्मचारी ने 49 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए हेरा-फेरी कर अपने रिश्तेदार के खाते में जवा करवा लिए. जानकारी के अनुसार जिला सहकारी बैंक करीब 7 माह तक इस मामले को दबाकर बैठा रहा. अब ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मामले का खुलासा हुआ है और बैंक दोषियों के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट करवाने की बात कर रहा है.

दुधाखेड़ी माता मंदिर में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और मंदिर की आय बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर इसका जीर्णोद्धार करवाने का निर्णय लिया है. शासन द्वारा मंदिर समिति को करोड़ों रुपये प्राप्त हुए हैं. मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष भी स्वयं जिला कलेक्टर है. हाल ही में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य होना है. मंदिर प्रशासन ने यह राशि जिला सहकारी बैंक की बाबुल्दा शाखा में जमा करवाई हुई थी.

दुधाखेड़ी माता प्रबंध समिति की करीब 13.50 करोड़ रुपये की राशि बैंक मे जमा है, जिसमें 10 करोड़ मूल्य की 11 एफडी है. इनमें से एक एफड़ी 49 लाख रुपये को बैंक स्टाफ ने अपने रिश्तेदारों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए. मंदसौर जिला कलेक्टर ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बैंक कर्मचारी विष्णु उपाध्याय ने अन्य कर्मचारियों व अफसरों की मिलीभगत से मंदिर समिति के 49 लाख रुपये अपनी मां, पत्नी, रिश्तेदार और कुछ मित्रों के नाम पर ट्रांसफर करवा लिए हैं.



उन्होंने बताया कि बैंक को इस मामले की जानकारी जून माह में ही हो गई थी. किसी को मामले की भनक ना लगे, इसके लिए बैंक प्रबंधन ने सारे रुपयों की वसूली कर समिति के खाते में जमा करवा दी. मामले में तत्कालीन मैनेजर पदम जैन और कर्मचारी विष्णू उपाध्याय को निलंबित करने की कागजी खानापूर्ती भी बैंक प्रबंधन द्वारा कर ली गई.
कलेक्टर ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने पर इसकी जांच गरोठ एसडीएम को दी गई है और एसडीएम मामले की जांच कर कलेक्टर को रिपोर्ट करेंगे. उन्होंने बताया कि वे सभी बैंकों से उनके एफडी के रेट मंगा रहे हैं और जो उन्हें सबसे ज्यादा रेट देगा उसी बैंक में वे समिति का पैसा जमा करवाएंगे.

(मंदसौर से नरेंद्र धनोतिया की रिपोर्ट)

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