शिवना किनारे बसे इस शहर की पुरानी इमारतों में दरार, लोगों में दहशत
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शिवना किनारे बसे इस शहर की पुरानी इमारतों में दरार, लोगों में दहशत
मकानों में दरार से लोगों में भूगर्भीय हलचल का अंदेशा

भारी बारिश (Heavy rains) के बाद मकानों (Houses) में पड़ रही दरार (Cracks) से मंदसौर (Mandsaur) के लोग दहशत (Panic) में हैं. किसी भूगर्भीय हलचल (geological disturbances) के अंदेशे को लेकर डरे हुए लोगों ने प्रशासन ने अन्य किसी जगह पर शिफ्ट करने की मांग की है.

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मंदसौर (mandsaur) में भारी वर्षा (Heavy rains) के बाद शहर के ऊपरी इलाकों में कई मकान जहां धराशायी हो गए हैं वहीं कई मकानों में लंबी दरारें (Cracks in houses) आ गईं हैं. लोग इसे भूगर्भीय हलचल (geological disturbances) मानकर दहशत (Panic) में है. मकानों में आई दरार के बाद प्रशासन ने एक सर्वे टीम (Survey team) गठित की है. लोगों की मांग ये है कि प्रशासन उन्हें किसी दूसरे इलाके में शिफ्ट करा दे. नहीं को कम से कम मुआवज़ा तो दे ही दे ताकि मकान की मरम्मत करा सकें. पुराने शहर के मकान जर्जर हैं और गलियां संकरी, ऐसे में कभी कोई बड़ी दुर्घटना हो गई तो जान माल का काफी नुकसान हो सकता है.

पुरानी हवेलियों और मकानों में दरारें
मंदसौर के शहरी इलाके की सघन बस्ती में पुरानी सारी हवेलियों और भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं. शिवना नदी के किनारे बसा पुराना मंदसौर शहर जिसमें कुम्हार वाडा, नीम चौक, गुदरी, पुरानी तहसील सहित कई इलाकों के सैकड़ों मकान ढह गए हैं. वहीं कुछ मकानों में अभी भी बड़ी-बड़ी दरारें दिख रही हैं. मकानों की दीवार बैठ गई हैं, या झुक गई हैं. सघन बस्ती और छोटी गलियों में बसे पुराने मन्दसौर शहर में अगर कोई हादसा हो जाता है तो यहां पर ना फायर ब्रिगेड की गाड़ी आ सकती है ना दमकल की टीम ही पहुंच सकती है. ऐसे में पुराने मकानों को लेकर लोग दहशत में हैं कि आखिर जाएं तो कहां जाएं. कुछ लोग मकानों में आई दरार के बाद उसे रिपेयरिंग करने में लगे हैं.

News - सघन बस्ती और छोटी गलियों में बसे पुराने शहर में हादसा हुआ तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता है
सघन बस्ती और छोटी गलियों में बसे पुराने शहर में हादसा हुआ तो जान माल का भारी नुकसान हो सकता है




भूगर्भीय हलचल के कारण धंस रही जमीन


लोगों का मानना है कि भूगर्भीय हलचल हो रही है उसके कारण यहां पर जमीन धंस रही है और हमेशा जान का खतरा बना हुआ है. शिवना नदी से लगे हुए कई मकान तो जमीन धंसने के बाद हवा में लटके हुए हैं जो कभी भी धराशाई हो सकते हैं. मकानों में आई बड़ी-बड़ी दरारों के बाद यहां पर लोग चाहते हैं कि या तो सरकार उन्हें मुआवजा राशि उपलब्ध करवाएं ताकि वह मकानों को ठीक करवा सकें या फिर उन्हें कोई वैकल्पिक जगह प्रदान करें ताकि वह सुरक्षित जगह पर अपना मकान बना सकें. फिलहाल सरकार की ओर से एक जांच दल गठित किया गया है जो क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करेगा.

जर्जर मकान गिराए नगर पालिका
मंदसौर शहर के पुराने रिहायशी इलाके में कई मकान जर्जर अवस्था में हैं और गिरने की स्थिति में हैं. अगर कोई यहां मकान गिरता भी है तो वह कई लोगों की जान भी ले सकता है. क्योंकि गलियां इतनी संकरी हैं कि लोगों को भागने की भी जगह नहीं मिलेगी. खास बात ये है कि ऐसे जर्जर मकानों में लोग अभी भी निवास कर रहे हैं. नगरपालिका को चाहिए कि ऐसे मकानों को तुरंत चिन्हित कर समय से पहले गिरा दिया जाए अन्यथा कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
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