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Dussehra Special : इस शहर में महिलाएं घूंघट निकालकर क्यों करती हैं 41 फीट ऊंचे रावण की पूजा?

जानिए एमपी के किस शहर को रावण की ससुराल कहा जाता है.

जानिए एमपी के किस शहर को रावण की ससुराल कहा जाता है.

एक पौराणिक मान्यता के हिसाब से यूपी के मेरठ को रावण की ससुराल कहा जाता है और बिलेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी का परिवार तो ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट – जयदीप गुर्जर

    रतलाम. असत्य पर सत्य की विजय के पर्व विजयादशमी (Vijayadashami) यानी दशहरा पर बुराई के प्रतीक रावण का कई जगहों पर दहन किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण को जमाई मानकर दशानन रावण (Ravana Worship) की पूजा की जाती है. मंदसौर में नामदेव समाज रावण को दामाद मानता है और विजयादशमी के दिन शहर के बीच स्थित खानपुरा में सीमेंट से बनी रावण की 41 फीट की प्रतिमा की पूजा करता है. परंपरा के चलते समाज की महिलाएं अपने जमाई का आदर सत्कार घूंघट निकालकर करती हैं.

    दावा किया जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी नामदेव समाज की बेटी और मन्दसौर की रहने वाली थी. दशहरे के दिन नामदेव समाज रावण की प्रतिमा तक ढोल-ढमाके के साथ आता है. यहां समाज के लोग रावण के दाहिने पैर में मन्नत का धागा बांधकर पूजा करते हैं. समाज के लोगों का दावा है कि धागा बांधने से विशेष प्रकार का बुखार भी ठीक होता है. यहां मनोकामना पूरी होने पर रावण को तरह-तरह के भोग भी लगाए जाते हैं. बता दें कि मालवा में दामाद को विशेष महत्व दिया जाता है.

    पौराणिक मान्यताएं क्या कहती हैं?

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंदसौर नगर का नाम दशपुर नगर था. दशपुर के राजा की बेटी मंदोदरी थी, जिसका विवाह लंकापति से हुआ. लोगों का यह भी मानना है कि रावण की पूजा करने के कारण ही मंदसौर में कोई विपत्ति नहीं आती है. किंवदंती है कि मंदोदरी से रावण का विवाह होने के बाद दशपुर का नाम मंदोदरी के नाम से रखा गया. पुराने समय में इसका नाम मंदोत्तरी हुआ करता था, जो अपभ्रंश होते हुए मंदसौर हो गया.

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    क्यों है रावण के ऊपर गधे का सिर?

    नामदेव समाज के लोगों के अनुसार खानपुरा में करीब 200 साल से भी पुरानी रावण की प्रतिमा लगी हुई थी. 2006-07 में आकाशीय बिजली गिरने से यह प्रतिमा खंडित हो गई थी. उसके बाद नगर पालिका ने रावण की दूसरी प्रतिमा की स्थापना कराई. हर साल नगरपालिका प्रतिमा का रखरखाव कराती है. रावण की प्रतिमा पर 4-4 सिर दोनों तरफ व एक मुख्य सिर है. मुख्य सिर के ऊपर गधे का एक सिर है. बुज़ुर्गों की मानें तो रावण की बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी इसलिए उसके इसी अवगुण को दर्शाने के लिए प्रतिमा पर गधे का भी एक सिर लगाया गया है. दुनिया की नज़रों में भले ही रावण बुराई का प्रतीक हो, लेकिन यहां वह तमाम खामियों के बावजूद जमाई राजा है.

    Tags: Dussehra Festival, Mandsaur news

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