मंदसौर: इन इलाकों का सब कुछ बहाकर ले गई बाढ़, ग्रामीणों का आक्रोश देख SDM को भागना पड़ा
Bhopal News in Hindi

मंदसौर: इन इलाकों का सब कुछ बहाकर ले गई बाढ़, ग्रामीणों का आक्रोश देख SDM को भागना पड़ा
बाढ़ के बाद गांव में पहुंचे अफसरों को लोगों को आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है

मंदसौर (Mandsaur) के करीब 120 गांव बाढ़ (Flood) की त्रासदी झेल रहे हैं. बाढ़ यहां के लोगों का सब कुछ बहाकर ले गई, त्रासदी के 2 दिन बाद गांव पहुंचे SDM को लोगों का आक्रोश देखकर भागना पड़ा.

  • Share this:
मंदसौर जिले (Mandsaur District) में बाढ़ के बाद पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. अब अधिकारी गांवों में पहुंच रहे हैं तो लोग उनका विरोध कर रहे हैं. मन्दसौर के पायाखेड़ी गांव (Payakhedi village) में लोगों को नाव में बिठाकर रेस्क्यू (Rescue) कर रहे एक व्यक्ति की मौत के बाद एसडीएम को उल्टे पांव भागना पड़ा. घटना के 2 दिन पहुंचकर अफसर 7 दिनों के अंदर मुआवज़ा (Compensation) देने की बात कर रहे हैं, जो कि संभव नहीं लगता क्योंकि अभी तक तो सर्वे टीम भी इलाके में नहीं पहुंची है और ये हाल ज़िले के तकरीबन 120 गावों का है.

बाढ़ में सब कुछ खत्म हो गया
यह बर्बादी का आलम है मंदसौर जिले के पाया खेड़ी गांव का. नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पाया खेड़ी गांव में 14 सितंबर की रात को आई भीषण बाढ़ ने पूरे गांव को जलमग्न कर दिया था. गांव वालों के सारे पशु, खाने पीने का सामान सब कुछ बाढ़ में बह गया, अगर कुछ बचा है लोगों की जान, ऐसे में यहां के एक शख्स शहजाद उर्फ बबलू लोगों को अपनी नाव में बिठा बिठाकर किसी तरह उनकी जान बचा रहा था, लेकिन रेस्क्यू के दौरान अचानक पानी में करंट फैला और शहजाद की भी मौत हो गई. इतना होने पर भी प्रशासन का कोई भी अधिकारी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा.

News घटना के दो दिन बाद गांव पहुंचे थे एसडीएम लोगों ने जमकर खरी खोटी सुनाई
घटना के दो दिन बाद गांव पहुंचे थे एसडीएम लोगों ने जमकर खरी खोटी सुनाई




विरोध के कारण SDM को गांव से भागना पड़ा


2 दिन बाद जब एसडीएम सीतामऊ अशोक शर्मा वहां पहुंचे तो उन्हें लोगों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. गांव के कुछ लोगों ने एसडीएम के साथ हाथापाई करने की भी कोशिश की, किसी तरह लोगों ने उन्हें रोका. मौके की नज़ाकत भांपकर एसडीएम वहां से निकल गए. लोगों का विरोध इस बात पर था कि पूरा गांव बाढ़ में बर्बाद हो चुका है, लेकिन शासन से अभी तक उन्हें कोई भी मदद नहीं पहुंची है. ये पूरा गांव अभी भी बाढ़ में डूबा हुआ है. यहां आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

News बाढ़ अपने साथ सब कुछ बहाकर ले गई है
बाढ़ अपने साथ सब कुछ बहाकर ले गई है


लोगों में भारी आक्रोश
गांव में मातम पसरा है और लोगों में आक्रोश अभी भी साफ दिख रहा है. सुवासरा के कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग ने तो यहां तक कह दिया कि लोगों में भारी आक्रोश है, अगर लोगों को समय पर ठीक से मुआवजा नहीं दिया गया तो ये आक्रोश फूट कर सामने आ जाएगा, जिस को झेलना मुश्किल हो जाएगा.

बर्बादी का ये मंज़र ज़िले के 120 गांवों में है
यह केवल पायाखेड़ी गांव की बात नहीं है, ऐसा नजारा मंदसौर जिले के लगभग 120 गांव में देखने को मिल जाएगा, जहां पर केवल लोगों की सांसे बची हैं बाकी सब कुछ इस बाढ़ के पानी में तबाह हो गया है. जायजा लेने तो यहां पर उज्जैन कमिश्नर अजीत कुमार और आईजी राकेश गुप्ता भी आए, लेकिन देख कर चले गए. उन्होंने 7 दिनों के अंदर मुआवजा देने का निर्देश दिया है. लेकिन इतनी बड़ी विभीषिका का 7 दिन में सर्वे भी हो जाएगा और मुआवजा मिल जाएगा, ऐसी कोई अभी संभावना नहीं दिख रही है.

ये भी पढ़ें -
कभी विजय शेखर से 20 करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप में हुई थी गिरफ्तार, अब फिर ज्वाइन किया Paytm
साक्षी मिश्रा को इंस्टाग्राम पर धमकी, लिखा- 50 लाख की सुपारी ली है, तीन महीने में मार दूंगा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading