खाद्य विभाग-पुलिस की कार्रवाई में 7 क्विंटल दूषित मावा जब्त, जेसीबी से जमीन में किया नष्ट

मंदसौर में प्रशासन एवं खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दूषित मावे के एक भंडारण पर हुई छापामार कार्रवाई में 7 क्विंटल दूषित मावा जब्त किया गया. फिर जब्त मावे को प्रशासन की देखरेख में जेसीबी से जमीन में नष्ट कर दिया गया.

Narendra Dhanotiya | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 1, 2019, 11:21 PM IST
खाद्य विभाग-पुलिस की कार्रवाई में 7 क्विंटल दूषित मावा जब्त, जेसीबी से जमीन में किया नष्ट
मंदसौर - दूषित मावा आगामी रक्षाबंधन के त्योहार पर कई जगह सप्लाई किया जाने वाला था.
Narendra Dhanotiya
Narendra Dhanotiya | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 1, 2019, 11:21 PM IST
मंदसौर में प्रशासन एवं खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दूषित मावे के एक भंडारण पर हुई छापामार कार्रवाई में 7 क्विंटल दूषित मावा जब्त किया गया. फिर जब्त मावे को प्रशासन की देखरेख में जेसीबी से जमीन में नष्ट कर दिया गया. खास बात यह है कि खाद्य विभाग की जानकारी में मामला होने के बावजूद दूषित मावे का यह अवैध कारोबार चल रहा था. प्रशासन ने खाद्य विभाग को सूचना दी और अचानक छापेमारी कार्रवाई की. बता दें कि मंदसौर के सीतामऊ कस्बे में नेहा स्वीट्स के गोडाउन मेहता मावा भंडार पर 4 से 5 महीना पुराना दूषित मावे का भंडारण किया हुआ था. यह दूषित मावा आगामी रक्षाबंधन के त्योहार पर कई जगह सप्लाई किया जाने वाला था. जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि सीतामऊ में बद्री लाल मेहता के गोडाउन पर दूषित मावे का स्टाक रखा हुआ है. साथ ही यह पता चला कि आगामी दिनों में ये मावा मिठाई बनाने हेतु विभिन्न जगहों में सप्लाई किया जाने वाला है.
दूषित मावे को जेसीबी से जमीन में नष्ट किया

सूचना मिलने के बाद ही जिला प्रशासन ने फूड इंस्पेक्टर कमलेश जमरे को लेकर अचानक छापामार कार्रवाई कर दी, मौके से बद्रीलाल मेहता के गोडाउन से 7 क्विंटल मावा बरामद हुआ. करीब 4 से 5 माह पुराना दूषित मावा जब्त कर उसे नष्ट कर दिया गया. जानकारी के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था.

करीब 4 से 5 माह पुराना दूषित मावा जब्त कर उसे नष्ट कर दिया गया.


जब जिला खाद्य विभाग के अधिकारी से पूछा गया कि उन्हें जानकारी क्यों नहीं थी कि यहां पर दूषित मावे का कारोबार चल रहा है तो जिला खाद्य निरीक्षक कमलेश जमरे का कहना था कि वह पूरे जिले में अकेला व्यक्ति हैं. इसलिए सूचना मिलने पर ही कार्रवाई करते हैं. कमलेश जमरे ने स्वीकार किया कि उन्हें खुद नहीं पता था कि कार्रवाई कहां हो रही है. तहसीलदार उन्हें गाड़ी में बैठा कर लाई और मावे के गोडाउन पर खड़ा कर दिया.

अपर कलेक्टर बीएल कोचले ने बताया कि सीतामऊ में सूचना मिलने पर नेहा स्वीट्स के गोडाउन पर छापामार कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में 700 किलो दूषित मावा जब्त किया गया. उन्होंने कहा कि साथ ही 1000 किलो मावे के सैंपल भी लिए गए हैं. दूषित मावे को जेसीबी की मदद से जमीन में नष्ट कर दिया गया. कोचले ने यह भी कहा कि अगर इसमें किसी कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही होगी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें - हरियाली अमावस्या पर शिव का हुआ श्रृंगार, मालपुए का लगाया भोग
Loading...

ये भी पढ़ें - यह गांव सोलर विलेज के नाम से देश-विदेश में मशहूर है
First published: August 1, 2019, 11:21 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...