बाल विवाह रोकने पहुंची पुलिस पर हमला, 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

Narendra Dhanotiya | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 3, 2019, 4:11 PM IST
बाल विवाह रोकने पहुंची पुलिस पर हमला, 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
हमले के बाद पुलिस ने उठाया ये कदम. (सांकेतिक फोटो)

मध्‍य प्रदेश के मंदसौर में पथराव के बाद जैसे-तैसे पुलिस की टीम वहां से वापस लौट सकी. फिर कुछ देर बाद जब पुनः मय बल पुलिस पहुंची तो वहां एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया.

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मंदसौर: मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh)  के मंदसौर (Mandsaur)  में देह व्यापार के अनैतिक अड्डों पर जब पुलिस (Police) पार्टी दबिश देने गई तो उस पर लोगों ने हमला कर दिया. पुलिस को सूचना मिली थी कि नावली के बांछड़ा डेरों पर झारखंड से लाई गई एक नाबालिग का बाल विवाह करवाया जा रहा है. इसके बाद उसे देह व्यापार के धंधे में धकेला जाएगा. इस जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां पर मौजूद लोगों ने उस (पुलिस पार्टी) पर हमला कर दिया. हमले में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. जबकि पुलिस ने 4 महिलाओं सहित 14 नामजद लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है, तो 25 से अधिक लोगों की तलाश जारी है.

परंपरा के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा
मंदसौर जिले में बांछड़ा समुदाय द्वारा परंपरा के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा खुलेआम चलता है, जिस पर पुलिस द्वारा कई बार कार्यवाही भी की गई है. अभी 2 दिन पहले ही मल्हारगढ़ के सुंठोड गांव में पुलिस ने दबिश देकर वहां से दो नाबालिग सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया था. जिस्मफरोशी के इस काले कारोबार में धकेलने के लिए दूर-दूर से नाबालिग बालिकाओं को लाया जाता है, जिन्हें ये भी नहीं पता होता कि वह एक ऐसे दलदल में धकेली जा रही है, जहां से बाहर निकल पाना असम्भव सा हो जाता है. बाहर से लाई गई कई बालिकाओं को उन्हीं के माता-पिता शादी का झूठ बोलते हैं. उस वक्त उनकी उम्र खिलौनों से खेलने की होती है. ऐसे में कुछ मामले ऐसे होते हैं जो बाल विवाह होने से पहले ही बाहर आ जाते है तो कुछ गुमनाम रह जाते हैं.

पुलिस की दबिश में बड़ा खुलासा

मंदसौर के गांधीसागर थाना क्षेत्र के नावली गांव में पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में बीती रात दबिश दी थी, लेकिन पुलिस का कम बल गांव में पहुंचने से बाल विवाह में शामिल लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें दो पुलिसकर्मियों को मामूली चोट भी आईं.

पथराव के बाद जैसे-तैसे पुलिस की टीम वहां से वापस लौट सकी. फिर कुछ देर बाद जब पुनः मय बल पुलिस पहुंची तो वहां एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया. जहां पुलिस ने 14 लोगों पर नामजद अपराध पंजीकृत किया, जिसमें से 8 को गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस ने इन पर धारा 307, 353, 332, 323,147, 148, 149, 294, 506 व 427 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार बाल विवाह में शामिल 12-13 वर्ष की बच्ची खुद को झारखंड का निवासी बता रही है और उसका कहना है कि उसके माता-पिता ही उसे यहां लेकर आये हैं.

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जांच
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इस मामले में अब पुलिस महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जांच करने के बाद अन्य आरोपी बनाएगी, जिन पर बाल संरक्षण अधिनियम में मामला दर्ज किया जाएगा. मंदसौर जिले में परंपरा के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा भी फल फूल रहा है. जिस्मफरोशी की आड़ में यहां पर मानव तस्करी भी जमकर हो रही है. साल 2011 में यहां से पुलिस ने 70 नाबालिग बालिकाएं बरामद की थीं जो देश के विभिन्न हिस्सों से अगवा कर लाई गई थीं. परंपरा के नाम पर बांछड़ा समुदाय के लोग इनसे बाद में देह व्यापार करवाते थे. कम उम्र में यहां लाकर छोड़ी गई थी या उन्हें अगवा करके चंद रुपयों के लालच में इन डेरो में धकेला गया था. गांधीसागर में हुए इस मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं बच्ची को अगवा कर तो नहीं लाया गया है.

दरअसल, बांछड़ा समुदाय का एक वर्ग इस कारोबार को संचालित करवाता है। परंपरा के नाम पर मंदसौर जिले में 36 से ज्यादा जगह इस तरह के अवैध व्यापार के अड्डे चल रहे हैं जिन पर पूर्ण रूप से पुलिस भी अंकुश नहीं लगा पाई है. आज भी देह व्यापार के अड्डे फल फूल रहे हैं जहां पर बाहर से अगवा कर लाई गई बच्चियां बाल विवाह के बाद देह व्यापार के धंधे में धकेल दी जाती हैं.

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First published: September 3, 2019, 4:07 PM IST
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