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'युवराज' के मर्डर के पीछे माफिया से लेकर कारोबारी कनेक्शन, पुलिस ने किया साजिश का खुलासा

Narendra Dhanotiya | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 10, 2019, 7:16 PM IST
'युवराज' के मर्डर के पीछे माफिया से लेकर कारोबारी कनेक्शन, पुलिस ने किया साजिश का खुलासा
एडवोकेट युवराज सिंह चौहान हत्‍याकांड का हुआ खुलासा.

विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के विभाग संगठन मंत्री, एडवोकेट और एसआरएम केबल नेटवर्क के संचालक युवराज सिंह चौहान (Yuvraj Singh Chauhan) के 'हत्‍याकांड' में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मंदसौर पुलिस (Mandsaur Police) के मुताबिक ये हत्‍या व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण हुई है.

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मंदसौर. विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) के विभाग संगठन मंत्री, एडवोकेट और एसआरएम केबल नेटवर्क के संचालक युवराज सिंह चौहान (Yuvraj Singh Chauhan) की बुधवार सुबह हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मंदसौर पुलिस (Mandsaur Police)के मुताबिक हत्या व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते हुई है, जिसमें हत्याकांड के मुख्य षड्यंत्रकारी दीपक तंवर (Deepak Tanwar) ने युवराज की हत्या की पूरी साजिश रची थी. उसने पहले उनकी रेकी करवाई और फिर उसके बाद बाइक सवार तीन युवकों से युवराज सिंह चौहान की गोली मारकर हत्या करवा दी. उनको एक गोली पीठ और दो गोली सिर में लगी थीं. जबकि भारतीय जनता पार्टी ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर एक ज्ञापन दिया जिसमें मांग की गई कि मामले की एसआईटी द्वारा जांच की जाए.

पुलिस ने कही ये बात
पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि युवराज सिंह चौहान और हत्याकांड के मुख्य षड्यंत्रकारी दीपक तंवर के बीच व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा चल रही थी. केबल नेटवर्क के व्यवसाय को लेकर अभी तक मामला सामने आया है. हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है, लेकिन मुख्य आरोपी दीपक तंवर सहित रेकी करने वाले युवक और हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीनों युवकों को नामजद आरोपी बनाया है. अभी मामले की विवेचना अभी जारी है और इसमें अभी कई और आरोपी बढ़ सकते हैं.

ये हैं षड्यंत्रकारी!

पुलिस ने अभी तक जिन लोगों को आरोपी बनाया है उनमें मुख्य षड्यंत्रकारी दीपक तंवर युवराज सिंह की रेकी करने वाले अनिल दरिंग, हत्याकांड में गोली मारने वाले आरोपी अंकित तंवर, नागेश उर्फ लाला और फैजान शामिल हैं. हालांकि अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इसलिए पुलिस मामले के दूसरे पहलू पर अभी नहीं जा रही है, लेकिन आशंका व्यक्त की जा रही है कि इंदौर के संदीप तेल हत्याकांड से भी इस घटना को जोड़ा जा रहा है.

विश्व हिन्दू परिषद के नेता और एडवोकेट होने के अलावा एसआरएम केबल नेटवर्क के संचालक थे युवराज सिंह चौहान.


युवराज के माफिया से थे संबंध
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बताया जा रहा है कि मृतक युवराज सिंह के माफिया डॉन सुधाकर राव मराठा से बहुत घरेलू और व्यावसायिक तालुकात थे. सुधाकर के कई काम वह देख रहे थे, जिसें प्रॉपर्टी के अलावा दूसरे कारोबार भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि संदीप तेल हत्याकांड के आरोपी रोहित सेठी (एसआर केबल का मालिक) और माफिया डॉन सुधाकर राव मराठा की मुलाकात युवराज सिंह ने ही करवाई थी. तब से युवराज सिंह भी टारगेट पर चल रहे थे और वह फरार भी रहे. जबकि युवराज हत्‍याकांड का मुख्य षड्यंत्रकारी दीपक तंवर कई दिनों से मुंबई और इंदौर के कुछ लोगों के संपर्क में था और घटना के बाद से फरार है.

पुलिस ने 30 से अधिक लोगों से की पूछताछ
विश्व हिंदू परिषद के नेता युवराज सिंह चौहान की हत्या के बाद में पुलिस ने 30 से 35 लोगों से पूछताछ की है. जबकि अभी भी कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है. पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने यह भी बताया कि घटना का जो दूसरा पहलू है वह भी पुलिस देख रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी जब होगी तो उसमें सारे पहलुओं पर निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी.

राजपूत करणी सेना और भाजपा ने पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन.


युवराज की हत्या के बाद सियासत गरमाई
विश्व हिन्दू परिषद के नेता और एडवोकेट, एसआरएम केबल नेटवर्क के संचालक युवराज सिंह चौहान की हत्या के बाद सियासत भी गरमा गई है. राजपूत करणी सेना ने जहां एक ज्ञापन पुलिस अधीक्षक को देकर मामले में निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. जबकि भारतीय जनता पार्टी ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर एक ज्ञापन दिया जिसमें मांग की गई कि मामले की एसआईटी द्वारा जांच की जाए. कांग्रेस शासनकाल में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे और बैरिकेट तोड़कर एसपी कार्यालय परिसर में घुस गए. पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हुए हैं, इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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First published: October 10, 2019, 7:06 PM IST
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