लाइव टीवी

एक शिक्षक के भरोसे चलने वाले स्कूलों में मध्यप्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर

Pradesh18
Updated: September 8, 2016, 8:32 PM IST
एक शिक्षक के भरोसे चलने वाले स्कूलों में मध्यप्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर
File Photo

मध्यप्रदेश में सब पढ़े, सब बढ़े का नारा बुलंद करने वाली सरकार की हालत नौनिहालों को शिक्षा देने के मामले में बेहद दयनीय है. प्रदेश में इस समय करीब 18 हजार स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक ही शिक्षक पूरा स्कूल चला रहा है.

  • Pradesh18
  • Last Updated: September 8, 2016, 8:32 PM IST
  • Share this:
मध्यप्रदेश में सब पढ़े, सब बढ़े का नारा बुलंद करने वाली सरकार की हालत नौनिहालों को शिक्षा देने के मामले में बेहद दयनीय है. प्रदेश में इस समय करीब 18 हजार स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक ही शिक्षक पूरा स्कूल चला रहा है.

संसद में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की स्कूलों को लेकर पेश की गई रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि देश में करीब 1 लाख 5 हजार 630 प्राथमिक और माध्यमिक सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक टीचर ही स्कूल चला रहा है. इस मामले में सबसे खराब स्थिति मध्यप्रदेश की है जहां ऐसे स्कूलों की संख्या 17 हजार 874 है.

एक शिक्षक के भरोसे चलने वाले स्कूलों में मध्यप्रदेश देश में नंबर एक पर है. प्रदेश में इस समय करीब पचास हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है. सरकार संविदा के आधार पर शिक्षकों की भर्ती कर इस कमी को पूरा करने का प्रयास करती रही है लेकिन पिछले 4 साल से ये भर्ती भी नहीं हुई है.

आरटीई की गाइडलाइन्स के अनुसार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 30 से 35 बच्चों के लिए एक टीचर होना आवश्यक है.

रिपोर्ट के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग करीब 40 हजार से ज्यादा शिक्षकों की जल्द भर्ती करेगा जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां अतिथि शिक्षकों की भर्ती कर व्यवस्था बनाई जा रही है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बुरहानपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 8, 2016, 8:04 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...