'शिवराज' पर भारी 'कमलनाथ', नशे के कारोबार पर कसता जा रहा शिकंजा

कमलनाथ सरकार ने 7 महीनों में 2429 तस्कर को किया गिरफ्तार, बीजेपी सरकार में कार्रवाई के नाम पर की गई खानापूर्ति.

Manoj Rathore | News18Hindi
Updated: August 28, 2019, 11:13 AM IST
'शिवराज' पर भारी 'कमलनाथ', नशे के कारोबार पर कसता जा रहा शिकंजा
कमलनाथ सरकार के 7 महीने की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने बीजेपी शासन के सालों की कार्रवाई को आइना दिखाने का काम किया है. (प्रतीकात्मक फोटो)
Manoj Rathore | News18Hindi
Updated: August 28, 2019, 11:13 AM IST
नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के मामले में कमलनाथ सरकार ने शिवराज सरकार को पछाड़ दिया है. दरअसल, कमलनाथ सरकार ने 7 महीने में जितने तस्करों को पकड़ा और मादक पदार्थों को बरामद किया, उतनी कार्रवाई शिवराज सरकार के कार्यकाल के दौरान नहीं की गई थी. नशे के खिलाफ कमलनाथ सरकार के 7 महीने की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने बीजेपी शासन के सालों की कार्रवाई को आइना दिखाने का काम किया है. सीएम कमलनाथ के एक्शन के बाद मध्यप्रदेश पुलिस और नारकोटिक्स विंग नशे के कारोबार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. पिछले सात महीने के दौरान बड़ी सफलताएं मिलीं हैं. अवैध मादक पदार्थो मसलन स्मैक, अफीम, गांजा, चरस, डोडा चूरा और नशीली दवाओं के 1867 प्रकरणों में तस्करी में लिप्त 2 हजार 429 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें नारकोटिक्स विंग ने 57 प्रकरणों में पकड़े गए 93 बड़े तस्कर भी शामिल हैं. साथ ही प्रदेश के युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जन-जागरण अभियान भी चलाया जा रहा है. गृहमंत्री बाला बच्चन ने बताया कि सरकार मध्यप्रदेश को ड्रग्स मुक्त करेगी. ऑपरेशन प्रहार के तहत मादक पदार्थों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.

शिवराज सरकार के दौरान की गई कार्रवाई

  • साल 2016 में 680, 2017 में 812 और 2018 में 1354 नशे के कारोबार से जुड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया था.


  • 2016 में 10.68 किलोग्राम स्मैक, 52.69 किलोग्राम अफीम, 3 हजार 412 किलोग्राम गांजा और उसके एक हजार 498 पौधे, 2.29 किलोग्राम चरस, 9 हजार 763 किलोग्राम डोडा और नशीली दवाओं की 13 हजार 375 शीशी, टेबलेट बरामद हुई थीं.

  • 2017 में 2.682 किलोग्राम स्मैक, 210.46 किलोग्राम अफीम और उसके 155 पौधे, 5 हजार 212 किलोग्राम गांजा और उसके 902 पौधे, 10.22 किलोग्राम चरस, 13 हजार 864 किलोग्राम डोडा चूरा और नशीली दवाओं की 46 हजार 889 शीशी, टेबलेट बरामद हुई थीं.

  • 2018 में 6.72 किलोग्राम स्मैक, 75.381 किलोग्राम अफीम और उसके 3 लाख 39 हजार 730 पौधे, 5 हजार 841 किलोग्राम गांजा और उसके 837 पौधे, 1.67 किलोग्राम चरस, 14 हजार 364 किलोग्राम डोडा चूरा और नशीली दवाओं की 46 हजार शीशी, टेबलेट बरामद हुई थीं.

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कमलनाथ सरकार में की गई कार्रवाई

  • 2019 के पहले सात महीने में अवैध मादक पदार्थो मसलन स्मैक, अफीम, गांजा, चरस, डोडा चूरा और नशीली दवाओं के 1867 प्रकरणों में तस्करी में लिप्त 2 हजार 429 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें नारकोटिक्स विंग ने 57 प्रकरणों में पकड़े गए 93 बड़े तस्कर भी शामिल हैं.

  • सात महीने में 9.20 किलोग्राम स्मैक, 131.60 किलोग्राम अफीम और उसके 53 हजार 18 पौधे, 6 हजार 776 किलोग्राम गांजा और उसके 44 हजार 289 पौधे, 3.86 किलोग्राम चरस, 26 हजार 319 किलोग्राम डोडा चूरा और नशीली दवाओं की 47 हजार 897 शीशी, टेबलेट बरामद की गईं.

  • विशेष अभियान के तहत शिक्षण संस्थाओं में 1692 सभाएं आयोजित कर एक लाख 77 हजार से अधिक युवाओं, छात्र-छात्राओं और आमजनों को जागरूक करने का काम किया गया. साथ ही सभी से नशामुक्त समाज बनाने के लिए संकल्प पत्र भी भरवाए गए.


ड्रग्स फ्री एमपी का संकल्प
शिवराज और कमलनाथ सरकार के दौरान नशे के कारोबार पर की गई कार्रवाई का तुलनात्मक अध्ययन में सबसे ज्यादा कार्रवाई कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में सामने आई हैं. शिवराज के सालों के कार्यकाल में इतनी कार्रवाई नहीं हुई, जितनी कमलनाथ सरकार के सात महीने के कार्यकाल में हुईं. ये सरकारों का फर्क है, नशे की वजह से देश का भविष्य खतरे में है, युवा पीड़ी बर्बाद हो रही है, ऐसे में सरकार का ये कदम तारीफ के काबिल है. लेकिन सरकार के सामने चुनौती भी कुछ कम नहीं है, कमलनाथ सरकार मध्यप्रदेश को ड्रग्स फ्री करने के लिए ऑपरेशन प्रहार चला रही है हालांकि, सवाल यही है कि क्या ये ऑपरेशन निरंतर चलता रहेगा या फिर कुछ महीनों के लिए इस ऑपरेशन को चलाया जा रहा है.

नशे से प्रदेश का भविष्य नहीं बर्बाद होने देंगे
सूबे के गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि नशे से प्रदेश के भविष्य को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. ऑपरेशन प्रहार से नशे के सौदागरों पर कार्रवाई की जा रही है. इसके परिणाम भी आ रहे हैं. सरकार मध्यप्रदेश को ड्रग्स मुक्त की तरफ ले जा रही है. वहीं कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि शिवराज सरकार में नशे के खिलाफ कोई काम नहीं किया, उनके कार्यकाल में नशे का कारोबार फलफूल रहा था. कमलनाथ सरकार ने सात महीने के अंदर नशे पर शिकंजा कसा है.

पीठ थपथपाना बंद करे
प्रदेश के बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार अपनी पीठ थपथपाना बंद करे, मध्यप्रदेश में तेजी से नशे का कारोबार बढ़ा है. कार्रवाई तेजी से नहीं हो रही है. कुछ लोगों को पकड़कर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे से जुड़े अपराधों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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First published: August 28, 2019, 5:42 AM IST
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