न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत में खामियां निकाल चुका है ये छात्र, Video में देखें

छात्र का कहना है कि चार शताब्दी पूर्व दिया गया कि सर्वात्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत उतना सटीक नहीं है, जितना उसे मानते आए हैं. उसका दावा है कि वह किसी से भी मंच पर बहस करने को तैयार है और न्यूटन के सिद्धान्तों में खामियां सिद्ध कर देगा.

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मध्यप्रदेश के मुरैना में विज्ञान के छात्र ने अपने अध्ययन के आधार पर महान वैज्ञानिक न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत को चुनौती दी है. छात्र ने 'गुरुत्वाकर्षण के अनसुलझे रहस्य' शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का कॉपीराइट भी कराया है.



छात्र सोनू शर्मा का दावा है कि यह सिद्धान्त आइजैक न्यूटन द्वारा गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों को विकसित करते समय हुई कमियों को दूर करने में सक्षम है. यह आविष्कार एमआईएफ (मैथामेटिकल इन्वेंशन फार्म इंडिया) की तरफ से भी चयनित किया गया है.



अपनी इस रिसर्च के चलते छात्र सोनू पिछले छह सालों से दिल्ली और भोपाल के चक्कर लगा रहा है. छात्र के कार्य को सभी यूनिवर्सिटी और उनके प्रोफेसरों ने सराहा, लेकिन कोई मदद नहीं की. आखिरकार अंत में छात्र ने मुख्यमंत्री नवाचार योजना के माध्यम से डेढ़ साल पहले पूरा प्रोजेक्ट सबमिट किया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं आया.





सोनू ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्र लिखा, लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी. थक हार कर अब यह छात्र ने प्रदेश18 डॉट कॉम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक तक पहुंचाना चाहता है. इस छात्र का खुला चैलेंज है कि कोई भी खुले मंच पर इससे इन सिद्धान्तों पर खुली बहस कर सकता है.
फिजिक्स से एमएससी कर चुके जिले के मुरैना गांव निवासी सोनू शर्मा को इस आविष्कार के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ़ एलाइड साइंसेस एन्ड कंप्यूटर एप्लीकेशन ग्वालियर प्रशस्तिपत्र भी दे चुका है.



छात्र का कहना है कि चार शताब्दी पूर्व दिया गया कि सर्वात्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत उतना सटीक नहीं है, जितना उसे मानते आए हैं. उसका दावा है कि वह किसी से भी मंच पर बहस करने को तैयार है और न्यूटन के सिद्धान्तों में खामियां सिद्ध कर देगा.
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