गजब है: आखिर क्या है इस नकली डॉक्टर का राज, जेल होने के बाद भी नहीं सुधरा, कैसे खुला राज?

(सांकेतिक तस्वीर)

गजब है: संजय सिंह माहौर को नकली डॉक्टर बनने के चक्कर में जेल हुई. उसके बाद जब वो बाहर आया तो फिर उसने वही काम किया. अपराध की दुनिया में अब उसका नाम दर्ज हो गया है.

  • Share this:
    मुरैना. ये कहानी रियल भी है और कुछ-कुछ रील भी है. एक लड़का डॉक्टर बनने के लिए करीब-करीब पागल है, लेकिन बन नहीं सका. जब वो असली डॉक्टर नहीं बन पाया तो नकली बनकर लोगों का इलाज करने लगा. कमाल की बात ये है कि उसने सरकारी अस्पताल तक में महीनों नौकरी कर ली और किसी को शक नहीं हुआ.

    इस फर्जी डॉक्टर को जेल भी हुई, लेकिन छूटने के बाद वो फिर दूसरी जगह सरकारी अस्पताल में ही नौकरी करने लगा. हालांकि, पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस युवक के खिलाफ धारा 420 का केस दर्ज किया है. आरोपी 12वीं पास है. पुलिस ने जब इस युवक को पकड़ा तो वो भी सोच में पड़ गई. आरोपी का नाम संजय सिंह माहौर, निवासी गौसपुर हाल, तुस्सीपुरा है.

    नर्सों को हुआ आरोपी पर शक, किया पुलिस के हवाले

    दरअसल, ये युवक 7 दिन से मुरैना के जिला अस्पताल में मरीजों का चेकअप कर रहा था. आरोपी न केवल चेकअप कर रहा था, बल्कि काम कर रही नर्सों को भी हड़का रहा था. रविवार को भी आरोपी महिला मरीजों की केसशीट देखकर नर्सों को डांट रहा था. इस बीच नर्सों को इस युवक पर शक हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. योगेश तिवारी और रीजनल मेडिकल ऑफिसर डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता को दी.

    डॉ. तिवारी ने संजय सिंह माहौर से चर्चा की तो वह मेडिकल लेंग्वेज का जवाब ही नहीं दे सका. इसके बाद आरएमओ डॉ. गुप्ता को भी बुला लिया गया. तलाशी लेने पर युवक के पर्स से मेडिकल ऑफिसर की फर्जी आईडी मिली. इसके बाद उसे सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.

    यहां छुपा है इस पूरी कहानी का राज

    पुलिस के मुताबिक, मुरैना के जिला अस्पताल में पदस्थ संजय सिंह नाम के एक डॉक्टर का 2019 में मुरैना से टीकमगढ़ तबादला हुआ था. इसी डॉक्टर के तबादला आदेश की कॉपी आरोपी संजय सिंह माहौर ने डाउनलोड की और उसमें कांटछांट कर अंबाह अस्पताल में 30 मई 2019 को ज्वाइनिंग ले ली. अंबाह के बीएमओ डॉ. डीएस यादव ने भी उसका आवेदन मार्क कर स्थापना भेज दिया.

    आरोपी युवक 5 महीने तक अस्पताल की ओपीडी में बैठकर मरीजों का चेकअप करता रहा. नवंबर 2019 में शक होने पर जब युवक के दस्तावेज मांगे तो यह छुट्‌टी लेकर गायब हो गया. बाद में इसे मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुरैना शहर के तुस्सीपुरा से पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया गया. लेकिन जेल से छूटते ही यह फिर जिला अस्पताल में डॉक्टर बनकर मरीजों का चेकअप करने लगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.