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Bhopal: मुरैना में एक और जहरीली शराब कांड, 2 लोगों की मौत, 2 अन्‍य की हालत गंभीर

भोपाल के पुराने शहरों से कर्फ्यू हटा लिया गया है. (प्रतिकात्मक फोटो) .
भोपाल के पुराने शहरों से कर्फ्यू हटा लिया गया है. (प्रतिकात्मक फोटो) .

मुरैना शराब कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट रविवार को शासन को सौंप दी. इसमें एसआईटी ने आबकारी नीति में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 5:08 PM IST
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भोपाल/मुरैना. SIT ने अभी मुरैना शराब कांड की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी ही थी कि एक और शराब कांड सामने आ गया. मुरैना के छैरा-मानपुर के बाद अब दिमनी में शराब से दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर हैं. शराब पीने वालों में से एक धर्मेंद्र जाटव ने पुलिस को बताया कि उन्होंने छिछावली गांव के माताप्रसाद और बलवीर के साथ बड़ोखर के सरकारी ठेके से मसाले वाली लाल शराब खरीदी थी. तीनों जब घर पहुंचे तो उन्हें उल्टियां होने लगीं. आंखों की रोशनी कम हो गई. परिजन इन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने माताप्रसाद को मृत घोषित कर दिया, जबकि बलवीर और धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया.

इससे पहले शनिवार को ही सत्यनायण की भी जिला अस्पताल में मौत हुई थी. डॉक्टरों के मुताबिक उनके पेट में दर्द हुआ था. मुरैना एसपी सुनील कुमार पांडे के मुताबिक जहरीली शराब पीने से एक की मौत हुई है, दो गंभीर हैं. दूसरी मौत के कारण की पुष्टि होना बाकी है. मृतकों की शवों की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में जहरीली शराब से मृत्यु के लक्षण नहीं मिले हैं.

रैना के छैरा-मानपुर में हुए शराब कांड का मुख्य अभियुक्त मुकेश किरार को रविवार दोपहर चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया गया. 24 लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब मुकेश की फैक्ट्री में बनी थी. प्रशासन ने रविवार को ही उसके छैरा गांव के 2 मकानों को ध्वस्त कर दिया. इस मामले में नामजद 7 आरोपियों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है. फिलहाल मुकेश को मुरैना लाया जा रहा है.




SIT ने की यह सिफारिश
मुरैना शराब कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट रविवार को शासन को सौंप दी. इसमें एसआईटी ने आबकारी नीति में बदलाव करने और अधिनियम को ज्यादा सख्त करने की सिफारिश की है. इसमें कहा गया है कि हर साल आबकारी नीति जनवरी-फरवरी में आती है. इस बार 2021-22 के लिए नीति आनी है. इसलिए हर जिले में एक या दो लोगों को ही पूरा काम दिया जाए. तीन से चार दुकानों का एक समूह बनाकर शराब ठेके बांटे जाएं. सूत्रों का कहना है कि सोमवार को सरकार इस पर चर्चा कर सकती है.
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