मोबाइल, कपड़े, पर्स, जूते लेकर थाने पहुंची भैंस, चोरों का कोई पता नहीं

चोरों ने भैंस चुराई और चम्बल नदी से हो कर मध्यप्रदेश जाने के लिए निकले. भैंस दोनों चोरों के मोबाइल, कपड़े, पर्स और जूते चप्पल लेकर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अम्बा माता थाने मेंं पहुंच गयी लेकिन दोनों चोरों का कुछ पता नहीं है.

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राजस्थान से चोरों ने भैंस चुराई और चम्बल नदी से हो कर मध्यप्रदेश जाने के लिए निकले. भैंस दोनों चोरों के मोबाइल, कपड़े, पर्स और जूते चप्पल लेकर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अम्बा माता थाने मेंं पहुंच गयी लेकिन दोनों चोरों का कुछ पता नहीं है.



राजस्थान के धौलपुर जिले के ढिहौली पुलिस थाने में पदस्थ एएसआई और मामले की जांच कर रहे शिव शंकर त्यागी ने बताया कि अतरोली गांव से भैस चुराने के बाद दोनों आरोपियों ने चंबल नदी से मध्य प्रदेश जाने की योजना बनाई. उन्होंने अपने दो मोबाइल, पर्स, कपड़े और जूते प्लास्टिक की थैली में डाल कर भैस के सींग से थैली बांध दी ताकि सामान सुरक्षित रहे.



दोनों चोर भैंस की पूंछ पकड़ कर नदी के करीब आधा किलोमीटर दूरी का फासला तय करने के लिए आगे बढ़े. भैंस चम्बल को पार कर अम्बा थाने के कुठाला गांव में पहुंच गयी. गांववालों ने भैस और उसके सींग पर बंधी थैली को देखकर पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने थैली में मोबाइल और अन्य सामान देखा.





त्यागी ने बताया कि ग्रामीणों और मध्य प्रदेश पुलिस की सूचना पर राजस्थान पुलिस मध्य प्रदेश के कुठाला गांव गई और भैंस को बरामद किया.
भैस के सींग पर बंधी थैली में से मिला सामान अम्बा माता थाने के टीआई एके खनेजा को सौंप कर चुरायी गई भैंस बरामद कर थाने ले आया गया. ढिहौली थाने में भैंस के मालिक ने गत 23 सितम्बर को भैंस चोरी होने की शिकायत दी थी.



पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया था. पुलिस ने भैस अस्थायी तौर पर मालिक को सुपुर्द कर दी है.



भैस चुराने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है. आरोपी चम्बल में बह गए या कहांं हैंं, फिलहाल इस बारे में कुछ भी अंदाजा लगाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है.
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