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मुरैना में अब हथियार लाइसेंस के लिए वन विभाग से लेना होगी परमिशन, जानिए पूरा मामला

मुरैना में एक आईपीएस अफसर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी माफिया के हमले में शहीद हो चुके हैं.
मुरैना में एक आईपीएस अफसर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी माफिया के हमले में शहीद हो चुके हैं.

ये सब रेत माफिया (Sand mafia) पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है. ताकि चंबल नदी से रेत की अवैध खुदाई (Illegal Mining) और ढुलाई रोकी जा सके.

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मुरैना. मुरैना (Morena) जिले में अब नया शस्त्र लाइसेंस लेना आसान नहीं होगा. अगर आप चंबल नदी के आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में रहते हैं तो लायसेंस लेने से पहले वन विभाग (Forest department) की परमिशन लेना होगी. वन विभाग की परमिशन के बिना नया शस्त्र लाइसेंस अब नहीं मिलेगा. ऐसा प्रस्ताव वन विभाग ने प्रशासन को दिया है. कलेक्टर ने इस पर सहमति जताई है. बस अब आदेश आने की देर है.

पूरे चंबल इलाके में रेत माफिया प्रशासन पर हावी है. अवैध खनन रोकने की कोशिश में अब तक कई अफसर और कर्मचारी माफिया के हमले के शिकार हो चुके हैं. माफिया इस कदर बेखौफ है कि वो हथियारों के दम पर लगातार चंबल नदी से रेत की अवैध खुदाई कर रहा है. पुलिस प्रशासन और वन विभाग अगर माफिया पर कार्रवाई करता है तो माफिया उन पर हमला करने से नहीं चूकता. इन हमलों में एक आईपीएस अफसर सहित कई पुलिस कर्मचारी शहीद हो चुके हैं.यही वजह है ..कि रेत के अबैध उत्खनन को रोकने के लिए अब वन विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है.

प्रशासन पर हावी है माफिया
1- मुरैना जिले में 2008 में तत्कालीन एसपी जयदेवन ए रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए चंबल नदी के आसपास के गांव में पहुंचे.उन्होंने अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर थाना सराय छोला में कार्रवाई के लिए भेजे.कार्रवाई चल ही रही थी कि माफिया ने हथियारों के दम पर सराय छोला थाने पर धावा बोल दिया. थाने में आगजनी कर दी. एसपी जयदेव ने थाने में अंदर घुस कर अपनी जान बचाई.
2- मुरैना में 2011 में आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार को माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था.



3- 2012- 13 में रेत माफिया पर वन विभाग की टीम कार्रवाई कर रही थी. तभी माफिया ने रेंजर पर हमला कर दिया. रेंजर ने भाग कर अपनी जान बचाई.



4-  2016 में थाना सिविल लाइन की टीम अवैध रेत से भरे वाहनों की चैकिंग कर रही थी. तभी अवैध रेत से भरे डंपर ने आरक्षक को कुचल दिया.जिससे आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई.

5- 2019 में मुरैना वन चौकी पर चैकिंग के दौरान रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली रोकी गयी .तो रेंजर को ट्रैक्टर के नीचे कुचलकर ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया. रेंजर की मौके पर ही मौत हो गई.इसके अलावा और भी कई घटनाएं सामने आईं.

लाइसेंसी हथियार
मुरैना जिले में कुल 27500 शस्त्र लाइसेंस हैं. इनमें से चंबल नदी के आसपास के 10 किलोमीटर क्षेत्र में सबसे अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं.
1-थाना सरायछौला -630 लाइसेंसी बंदूक
2- देवगढ़ थाना - 650 लाइसेंसी बंदूक
3- चिन्नोनी थाना - 780 लाइसेंसी बंदूक
4- नगरा थाना - 760 लाइसेंसी बंदूक
5- थाना दिमनी -975 लाइसेंसी बंदूक .
6- अंबाह थाना -1893 लाइसेंसी बंदूक

कलेक्टर सहमत
कलेक्टर अनुराग वर्मा का कहना है वन मंडल अधिकारी की तरफ से ये सुझाव दिया गया है कि चंबल नदी के आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में नए शस्त्र लाइसेंस देने से पहले वन विभाग की परमिशन लेना अनिवार्य किया जाए. इस सुझाव पर लगभग सहमति बन चुकी है. बताया जाता है कि मुरैना में बड़ी तादाद में अवैध हथियारों का उपयोग लोग करते हैं. इसलिए यह सुझाव अच्छा है.इस पर हम कार्रवाई करेंगे.
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