MP: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले 'विषपान' करने को क्यों तैयार हो गए शिवराज

अतिथि शिक्षक, अतिथि विद्वान और पटवारियों ने शिवराज सरकार के खिलाफ आगामी विधानसभा उप चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान (फाइल फोटो)
अतिथि शिक्षक, अतिथि विद्वान और पटवारियों ने शिवराज सरकार के खिलाफ आगामी विधानसभा उप चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान (फाइल फोटो)

सीएम शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chauhan) के बयान पर कटाक्ष करते हुए पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने कहा है कि मंथन में अमृत नहीं, सिर्फ विष ही विष निकला है.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के मंत्रिमंडल का विस्‍तार होने जा रहा है. मंत्रिमंडल विस्‍तार (Cabinet Expansion) के साथ, इस बात की अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि सूबे के मौजूदा गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) को उपमुख्‍यमंत्री (Deputy Chief Minister) भी बनाया जा सकता है.

इस बीच, मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान ने मध्‍य प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्म कर दिया है. मुख्‍यमंत्री ने अपने बयान में कहा है कि समुद्र मंथन से निकले जहर को शिव ही पीते हैं. वहीं, मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह के इस बयान को लेकर कांग्रेस (Congress) ने चुटकियां लेना भी शुरू कर दी हैं. उल्‍लेखनीय है कि सरकार बनने के 100 दिन बीतने के बाद शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार हो रहा है.





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केंद्रीय नेतृत्‍व ने लगाई मंत्रिमंडल विस्‍तार पर मोहर
प्रदेश के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे केंद्रीय नेतृत्व से अंतिम सूची लेकर भोपाल पहुंच चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में 25 नये चेहरे शामिल होंगे. जिसमें 10 नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गये पूर्व विधायकों के होंगे. जिन्हे जल्द ही उपचुनाव लड़ना है. पार्टी के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में जातिगत, क्षेत्रीय और राजनैतिक संतुलन को ही आधार बनाया गया है. बीजेपी के 15 साल के राज में जो लगातार मंत्री रहे, उनमें से कुछ के नाम इस बार छोड़े जा रहे हैं.

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कमलनाथ ने कहा- अमृत के लिए तरसना होगा
मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस बयान पर मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने चुटकी ली है. उन्‍होंने कहा है कि मंथन इतना लंबा हो गया है कि अमृत बचा ही नहीं, सिर्फ विष ही विष निकला है. उन्‍होंने कहा है कि बीजेपी को कल से न केवल रोज मंथन करना पड़ेगा, बल्कि मंथन से निकले विष को भी रोजाना पीना पड़ेगा. बीजेपी अब अमृत के लिए तरसना होगा. इस विष का परिणाम तो अब हर हाल में भोगना ही पडे़गा.

 
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