मध्य प्रदेश: कोरोना टेस्टिंग के नाम पर अस्पताल और लैब नहीं वूसल सकेंगे मनमाना पैसा, सरकार ने तय की फीस

शिवराज सरकार ने कोरोना जांच के लिए फीस दर तय कर दी है. (डिजाइन फोटो)

शिवराज सरकार ने कोरोना जांच के लिए फीस दर तय कर दी है. (डिजाइन फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार ने कोरोना टेस्टिंग (Corona Testing) की फीस (Fees) तय कर दी है, जिसके बाद से निजी अस्पताल और लैब लोगों से मनमानी फीस नहीं वूसल सकेंगे.

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भोपाल. कोरोना (Corona) मरीजों से इलाज के नाम पर हो रही मनमानी पर रोक लगाने के लिए शिवराज सरकार (Shivraj Singh) ने कोरोना टेस्टिंग समेत कई अन्य चीजों की फीस तय कर दी है. इसके बाद से राज्य के निजी अस्पताल और लैब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे. सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक आदेश में कोरोना टेस्टिंग की दर नए सिरे से निर्धारित कर दी गई है.

सरकार की ओर से तय किए कोविड टेस्टिंग के दाम के मुताबिक अब RT PCR टेस्ट केवल 700 रुपये में होगा, जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 300 रुपये वसूले जा सकेंगे. अगर टेस्ट की सैम्पलिंग घर से की जा रही है, तो इसके लिए ₹200 अतिरिक्त चार्ज लिए जा सकेंगे. इस शुल्क में ट्रांसपोर्ट, पीपीई किट जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी. अस्पताल या लैब कोई अतिरिक्त शुल्क इसके अलावा नहीं ले सकेंगे.

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सीएम शिवराज सिंह ने दिए थे संकेत
निजी अस्पतालों की मनमानी का मुद्दा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक भी पहुंचा था. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि निजी अस्पतालों या लैब की मनमानी किसी भी सूरत में नहीं चलने दी जाएगी. साथ ही साथ उन्होंने कहा था कि सरकार इस बारे में विचार कर रही है. मुख्यमंत्री के इस बयान के कुछ घंटे बाद ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना टेस्टिंग को लेकर रेट तय कर दिए गए. माना जा रहा है कि निजी अस्पतालों के इलाज के मनमाने पैकेज को लेकर भी सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है.

विपक्ष ने भी उठाया मुद्दा

कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही निजी अस्पतालों और लैब की मनमानी दामों को लेकर बढ़ गई थी. पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि निजी अस्पताल 2,00000 तक पैकेज कोरोना मरीजों से इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं. सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए.
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