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गुड़ की मिठास में खो रहे बचपन को बचाने में आगे आए कलेक्टर
Narsinghpur-Madhya-Pradesh News in Hindi


Updated: December 22, 2015, 4:53 PM IST
गुड़ की मिठास में खो रहे बचपन को बचाने में आगे आए कलेक्टर

  • Last Updated: December 22, 2015, 4:53 PM IST
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नरसिंहपुर में गुड़ बनाने के दौरान बच्चों से काम करवाने के मामले में कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं. साथ ही अधिकारियों को आदेश दिए कि वो श्रम नियमों का पालन सुनिश्चित करें.

नरसिंहपुर कलेक्टर नरेश पाल ने मंगलवार को अधिकारियों की एक बैठक ली. जिसमें उन्होंने अधिकारियों को गुड़ भट्टियों के सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि गुड़ भट्टियों के रजिस्ट्रेशन के लिए कार्रवाई कि जाए. साथ ही गुड़ भट्टियों के कार्य में लगे बाहरी मजदूरों की जानकारी संबंधित पुलिस थाने और एसडीएम को दिए जाने के लिए भी कलेक्टर ने निर्देश दिए.

उन्होंने ये भी कहा कि ये अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वो ये सुनिश्चित करें की गुड़ भट्टियों में श्रम नियमों का पालन हो.

गुड़ की मिठास में खो रहा बचपन

देश में गुड़ के जायके के लिए पहचाने जाने वाले नरसिंहपुर जिले में इन दिनों जमकर गुड़ बनाया और बेचा जा रहा है. लेकिन इस गुड़ की मिठास के बीच बाल मजदूरी से बचपन खत्म हो रहा है.

नरसिंहपुर में करेली मंडी गुड़ की उच्च क्वालिटी देने के लिए देश भर में खास पहचान रखती है. इसे बनाने के लिए यहां बड़े स्तर पर काम किया जाता है. गुड़ बनाने के इस काम से क्षेत्र की कई लोगों को रोजगार मिलता है, जिससे वो अपना घर चलाते हैं.

हैरानी की बात तो ये है कि बड़ो के साथ ही बच्चे भी महज तीस रुपए की मजदूरी पाने के लिए अपना स्कूल छोड़ यहां पर गुड़ की पैकिंग करने के काम में लगे हुए हैं.बच्चों ने बताया कि, गुड़ खरीदी करने आए व्यापारी उन्हें काम देते हैं और वो एक बाजार में काम करके सौ से डेढ़ सौ रूपए तक मजदूरी पाते हैं, जो गरीबी से जूझ रहे इनके परिवार के लिए एक बड़ी रकम है.

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First published: December 22, 2015, 4:53 PM IST
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