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नर्मदा जयंती: नदी को स्वच्छ रखने के लिए कैदियों की अनूठी पहल, कर रहे हैं ये काम
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Ashish Jain | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 1, 2020, 11:10 AM IST
नर्मदा जयंती: नदी को स्वच्छ रखने के लिए कैदियों की अनूठी पहल, कर रहे हैं ये काम
नर्मदा जयंती में गाय के गोबर से बने दीपों का होगा इस्‍तेमाल.

नर्मदा जयंती (Narmada Jayanti) के मौके पर नरसिंहपुर (Narsinghpur) की केंद्रीय जेल (Central Jail) के कैदी इको फ्रेंडली दीपक बना रहे हैं. इससे ना सिर्फ नर्मदा स्‍वच्‍छ रहेगी बल्कि जलीय जीवों को भोजन भी मिल सकेगा.

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नरसिंहपुर. आज नर्मदा जयंती (Narmada Jayanti) है और इसको प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए नरसिंहपुर के कैदियों ने अनूठी मुहिम चलाई रखी है. प्रदेश की जीवन दायिनी नर्मदा के संवर्धन व संरक्षण के लिए नरसिंहपुर (Narsinghpur) के केंद्रीय जेल (Central Jail) के कैदी इन दिनों इको फ्रेंडली दीपक बना रहे हैं, जिससे नर्मदा को दीपदान से होने वाली गंदगी से ना सिर्फ बचाया जा सके बल्कि इससे जलीय जीवों को भोजन भी मिल सकेगा. पर्यावरण को सुरक्षित रखकर पिछले करीब छह माह से जेल की गौशाला के गोबर से ये कैदी दीपक बनाकर ज्योत से ज्योत जलाकर खुद अंधेरे में रहकर दुनिया को रोशन करने का पैगाम दे रहे हैं.

जलीय जीवों को मिल रहा भोजन
ये कैदी यहां गोबर, अनाज और मिट्टी से हैंड मशीन के जरिये रोजाना सैकड़ों दीपकों को आकार दे रहे हैं. कैदियों के बने ये दीपकों की बाजार में खासी मांग भी है. इसकी कीमत भी महज दो रुपये रखी गई है. इस दीपक में मिलाई गई सामग्री शुद्ध होने के साथ साथ ईको फ्रेंडली भी है, जो पर्यावरण के लिए तो अहम है. यही नहीं, यह दीपदान के जरिये नदी तालाबों को भी साफ रखने में मददगार होने के साथ जलीय जीवों के लिए आहार भी दे सकेंगे. इस नर्मदा जयंती इनका बेहद खास संदेश है.

mp, madhya pradesh
कैदी गोबर, अनाज और मिट्टी से ये दीपक बना रहे हैं.




महिला जेल अधीक्षक की सोच से हुई शुरुआत


महिला जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी की यह सोच थी जिसे उन्होंने हकीकत में बदल दिया है. उनका कहना है कि जिस दौर में प्लास्टिक पर प्रतिबंध हो उस दौर में यह दीपक बेहद अहम हो जाते हैं और कहीं ना कहीं कैदियों का जेल से बाहर की दुनिया को एक बड़ा संदेश है कि उनके दीपकों से नर्मदा स्वच्छ रहे और लोगों के घर रोशन हों.

 

दीपों से गुनाह का पश्चाताप
तरह-तरह के जुर्म में यहां आए बंदी अब इन दीपकों के जरिए पश्चाताप भी कर रहे हैं. उनका मानना है कि यह दिए जहां नर्मदा में झिलमिलाती रोशनी से लोगों की जिंदगी में उजियाला लाएंगे, वहीं वहीं उनके किये हुए गुनाह भी जलकर खत्म हो जाएंगे.

 

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First published: February 1, 2020, 10:58 AM IST
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