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नरसिंहपुर जिला अस्पताल में सक्रिय ड्रग माफिया, गायब हुई लाखों की दवाइयां

Ashish Jain | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 22, 2019, 2:57 PM IST

नरसिंहपुर जिला अस्पताल के स्टोर रूम से लाखों की दवाइयां गायब हो गयी. हद तो यह हो गई जब ये दवाइयां बाहर ऐसी हालत में मिलीं, जिससे किसी बड़े खेल की आशंका है. मामले का खुलासा तब हुआ जब सहायक स्टोर कीपर नीलेश वर्मा को एक दिन पहले रखी दवाएं स्टोर से गायब मिलीं.

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क्या नरसिंहपुर में ड्रग माफिया सक्रिय है?. जिला अस्पताल के स्टोर से लाखों रुपये की दवाइयों का गायब होना और शिकायत के बाद भी अस्पताल प्रबन्धन का चुप रहना भी कहीं न कहीं मामले को और संगीन बनाता नजर आ रहा है. कलेक्टर द्वारा गठित जांच टीम को भी बड़े पैमाने पर ऐसे सबूत मिले हैं जो आने वाले दिनो में बड़े दवा माफिया का पर्दाफ़ाश कर सकता है.

गम्भीर रोगों में जरूरतमंदों को सरकारी तौर पर दी जाने वाली दवाईयां जब बड़ी तादाद में स्टोर रूम से ही गायब हो जाएं तो क्या कहना?. भटकते मरीजों को दवा तो छोड़िए मलहम-पट्टी भी नसीब नही हो रही और सिस्टम जख्मों पर नमक छिड़कने को बेताब है. मामला नरसिंहपुर जिला अस्पताल का है, जहां अस्पताल के स्टोर रूम से लाखों की दवाइयां गायब हो गयी. हद तो यह हो गई जब ये दवाइयां बाहर ऐसी हालत में मिलीं, जिससे किसी बड़े खेल की आशंका है. मामले का खुलासा तब हुआ जब सहायक स्टोर कीपर नीलेश वर्मा को एक दिन पहले रखी दवाएं स्टोर से गायब मिलीं. ऐसे में इस सहायक स्टोर कीपर ने  अस्पताल के सीएमएचओ और सिविल सर्जन से शिकायत की, लेकिन जब इसकी शिकायत पर कोई सुनवाई न हुई तो फिर सहायक स्टोर कीपर को कलेक्टर को शिकायत करने मजबूर होना पड़ा.

सहायक स्टोर कीपर नीलेश वर्मा की शिकायत पर जांच ना करने वाली सीएमएचओ मेडम भी अब कलेक्टर की जांच के आदेश के बाद मामले में अनियमितता की बात मान रही है. इसके साथ ही स्टोर से गायब सरकारी दवाइयों को बाहर से बरामद करने की तस्दीक भी कर रही है. वे भी अब कलेक्टर की जांच के भरोसे हैं पर उन्होंने मामले मामले पर एक्शन क्यों नही लिया, इसे लेकर खुद भी जांच के घेरे में हैं. जिला अस्पताल में स्टोर से दवाइयां गायब की जा रही है, वहीं तहसीलों के अस्पताल छोटी-छोटी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं.

मामले को लेकर सहायक स्टोर कीपर ने सिविल सर्जन सहित सीएमएचओ तक दवाइयां गायब होने की जानकारी पहुंचाई थी बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हुई. ऐसे में कलेक्टर को शिकायत के बाद जांच टीम गठित की गई और अब जांच जारी है. जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में टीम द्वारा अभी तक की गई पड़ताल मामले को गंभीर अनियमितताओं से जोड़ती नजर आ रही है. स्टोर से गायब हुई दवाइयों में थैलेसीमिया, कैंसर, थायराइड, ह्दय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों की दवाइयां शामिल है जिन की बाजार में कीमत, सरकारी कीमत के मुकाबले कहीं ज्यादा है.

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First published: January 22, 2019, 1:28 PM IST
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