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डॉक्टर तो दूर की बात, इन अस्पतालों में कम्पाउंडर भी मिल जाए तो बड़ी बात है

Ashish Jain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: December 20, 2015, 2:54 PM IST
डॉक्टर तो दूर की बात, इन अस्पतालों में कम्पाउंडर भी मिल जाए तो बड़ी बात है

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नरसिंहपुर में अस्पतालों की हालत बेहद खराब है. जिन सरकारी अस्पतालों पर कई गांव निर्भर हैं उनकी हालत ये है कि वहां डॉक्टर तो दूर की बात यहां तक कि कम्पाउंडर तक नहीं है.

जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से कई गांव जुड़े हैं लेकिन वहां कोई डॉक्टर नजर ही नहीं आता है और उप स्वास्थ्य केंद्रों की हालत तो इससे भी बुरी है.

शाहपुर और आमगांव के स्वास्थ्य केंद्रों में तो ज्यादातर समय ताला ही लगा रहता है. ताले खुलते भी हैं तो यहां की कमान अनुभवी डॉक्टरों की जगह आशा कार्यकर्ताओं के हाथों में होती है. हैरानी की बात तो ये है कि इन स्वास्थ्य केंद्रों पर आसपास के करीब पचास गांव निर्भर हैं बावजूद इसके यहां इस तरह की स्थिति है.

ग्रामीण भी इससे काफी परेशान हैं. उनका कहना है कि सरकार ने गांव में स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए लेकिन उनमें या तो ताला लगा रहता है या फिर डॉक्टर ही नहीं मिलते. ऐसे में उन्हें दूर जिला अस्पताल या पास के किसी शहर में निजी अस्पताल जाना पड़ता है, जो उनके लिए महंगा साबित होता है.

स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ सहित डाक्टरों की कमी के बारे में जिला कलेक्टर से बात की गई तो वो भी डाक्टरों की कमी से सहमत नजर आए. उनका मानना है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने से ही ये समस्या हल हो पाएगी.

वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही इस समस्या को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने का आश्वासन देते नजर आए.

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First published: December 20, 2015, 2:54 PM IST
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