लाइव टीवी

'पैसा इकट्ठा करने के लिए बनाए गए इस्कॉन मंदिर'

Ashish Jain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 24, 2016, 3:28 PM IST
'पैसा इकट्ठा करने के लिए बनाए गए इस्कॉन मंदिर'
ज्योतिष एवं द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि चढ़ोत्तरी के रुपयों को इकट्ठा करने के लिए बड़े स्थानों पर इस्कॉन मंदिर बनाए जा रहे हैं.

ज्योतिष एवं द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि चढ़ोत्तरी के रुपयों को इकट्ठा करने के लिए बड़े स्थानों पर इस्कॉन मंदिर बनाए जा रहे हैं.

  • Share this:
ज्योतिष एवं द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि चढ़ोत्तरी के रुपयों को इकट्ठा करने के लिए बड़े स्थानों पर इस्कॉन मंदिर बनाए जा रहे हैं. इन मंदिरों का संचालन करने वाली संस्था को धर्म से कोई लेना देना नहीं है.

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में अल्प प्रवास पर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया. दरअसल, इस्कॉन (ISKCON) का पूरा नाम इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्सिशियस है.

इसे "हरे कृष्ण आंदोलन" के नाम से भी जाना जाता है और इसे 1966 में अमेरिका के न्यूयॉर्क नगर में भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने प्रारंभ किया था. देश-विदेश में इसके अनेक भव्य मंदिर और विद्यालय हैं.

चिनकी परियोजना का विरोध

शंकराचार्य स्वरूपानंद ने नरसिंहपुर में चिनकी परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर बनाए जा रहे बांध का विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि बांध बनाने से नर्मदा की अविरल धारा को रोका जाएगा. साथ ही कहा कि बांध बनाना सरकार की लाचारी है, क्योंकि उसके चलते कर्ज जो ले रखा है. उन्होंने कहा कि ठेकेदार और अधिकारियों में पैसे की चाह है. जिसके चलते नई-नई योजनायें बनती हैं. उन्हें राष्ट्र की रक्षा से कोई मतलब नहीं है.

जेएनयू के सभी छात्रों को आरोपी नहीं मानते
जेएनयू में हुए मामले पर शंकराचार्य ने कहा कि वे सभी छात्रों को आरोपी नहीं मानते. हालांकि, वहां कुछ ऐसे लोग वहां घुस आए हैं जो भारत देश की अखंडता नहीं चाहते. साथ ही अफजल गुरु का समर्थन करते हैं. शंकराचार्य के मुताबिक, ऐसे लोगों को छांटकर उन्हें दण्डित किया जाना चाहिए..राममंदिर पर संघ का अलग नजरिया
शंकराचार्य ने राम जन्मभूमि मुद्दे पर कहा कि वे चाहते हैं कि जल्द भव्य राम मंदिर बने. इस मामले पर उन्होंने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के नजरिये को खुद के नजरिये से बिल्कुल अलग बताया.

उन्होंने कहा कि, भागवत चाहते हैं कि जन्मभूमि पर आदर्श राम का मंदिर बने, लेकिन उनकी इस बात से हम सहमत नहीं हैं. क्योंकि वे राम को मनुष्य मानते हैं और हम उन्हें परमेश्वर. इसलिए परमेश्वर राम के बालक आराध्य रूप का मंदिर बनाया जाना चाहिए.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नरसिंहपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 24, 2016, 2:37 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर