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CM कमलनाथ की अपील पर खरे उतर रहे हैं नरसिंहपुर के ये शिक्षक...

Ashish Jain | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 14, 2019, 12:31 PM IST
CM कमलनाथ की अपील पर खरे उतर रहे हैं नरसिंहपुर के ये शिक्षक...
CM कमलनाथ की अपील पर खरे उतरे नरसिंहपुर के ये शिक्षक..

स्कूल (school) में पढ़ाई पर भी काफी ज़ोर है. यहां किताब (ooks) से लेकर कंप्यूटर और टीवी तक से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाती है. इसके साथ ही फल और पौधों का ज्ञान भी हाथों से छूकर कराया जा रहा है.

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नरसिंहपुर. बाल दिवस (children's day) पर सीएम कमलनाथ (cm kamalnath) ने शिक्षकों से आदर्श शिक्षक (ideal teacher) बनने की अपील की. उनसे कहा समय पर स्कूल आएं और बच्चों को ठीक से पढ़ाएं. नरसिंहपुर (narsinghpur) में एक ऐसा ही शिक्षक है जो बरसों से इसकी नज़ीर पेश कर रहा है. शिक्षक ने अपने प्रयास से स्कूल का कायाकल्प कर आदर्श स्कूल बना दिया है.

नरसिंहपुर ज़िले के साईं खेड़ा ब्लॉक में तूमड़ा गांव है. गांव में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल है. ये अपनी खासियतों से भरा पड़ा है. यही वजह है कि इस स्कूल को कई पुरस्कार मिल चुके हैं. स्कूल को ये मान-सम्मान और नयी पहचान दिलाने का श्रेय इस स्कूल के शिक्षक हल्केवीर पटेल को जाता है. बच्चों से बेहद प्यार करने वाले इस शिक्षक ने स्कूल की तस्वीर ऐसी बदली कि बच्चे भी पढ़ाई, स्कूल और अपने इस शिक्षक से प्यार करने लगे.
2003 से शुरू हुआ सफर
हल्के वीर वर्ष 2003 में महज ढाई हजार रुपए में इस स्कूल में पढ़ाने आए थे. वो सिर्फ पेशे से टीचर नहीं हैं बल्कि मन से भी शिक्षक हैं. यही वजह है कि उन्होंने यहां आते ही बच्चों को मन लगाकर पढ़ाया और धीरे-धीरे स्कूल का कायाकल्प शुरू किया. आमतौर पर सुविधा विहीन और जर्जर सरकारी स्कूल से दूर तूमड़ा गांव का ये स्कूल दूर से जगमग होता दिख जाता है.

पेड़ के ज़रिए अक्षरज्ञान
शिक्षक हल्के वीर ने स्कूल परिसर में बगीचा लगाया. इसमें लगे पौधे हरियाली और वायुमंडल को शुद्ध हवा देने के साथ बच्चों को अक्षर ज्ञान भी करा रहे हैं. शिक्षक हल्के वीर ने यहां अक्षर ज्ञान का एक पेड़ लगाया है. इसमें कई अक्षर बंधे हुए हैं. साथ ही सीमेंट के ऐसे बहुत सारे अक्षर तैयार कराए जिन्हें बच्चे अपने हाथों में लेकर महसूस कर सकते हैं. ये सब इस शिक्षक ने बच्चों को मिलने वाली प्राथमिक शिक्षा यानी उनकी नींव की मज़बूती के लिए किया है.
खेल-खेल में पढ़ाईस्कूल में पढ़ाई पर भी काफी ज़ोर है. यहां किताब से लेकर कंप्यूटर और टीवी तक से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाती है. इसके साथ ही फल और पौधों का ज्ञान भी हाथों से छूकर कराया जा रहा है. स्कूल की इतनी प्रसिद्धि है कि अब इस सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिये शहर और निजी स्कूलों से भी बच्चे यहां आते हैं. संस्कृत के श्लोक हों या रामायण की चौपाई, इन बच्चों को सब मुंह जुबानी याद हैं.
पैडवुमैन ने भी सराहा
एनआरआई पेड वूमेन माया विश्वकर्मा भी इस स्कूल से प्रभावित होकर यहां पहुंचीं. वे बतातीं हैं कि अनुशासन के साथ स्कूल की साफ सफाई काबिल-ए-तारीफ है. बच्चों को हाथ धोने के तरीके से लेकर उन्हें प्रसाधन की बेहतर सुविधाएं भी यहां मुहैया करायी गयी हैं. देश भर में जगह-जगह पैड के लिए जागरुकता अभियान चलाने वाली माया का कहना है कि ये शानदार स्कूल है.

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First published: November 14, 2019, 12:31 PM IST
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