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यहां वैध है अफीम की खेती, फिर भी किसानों ने दिया फसल उखड़वाने का आवेदन

यहां वैध है अफीम की खेती, फिर भी किसानों ने दिया फसल उखड़वाने का आवेदन

दुनिया में अफीम की सर्वाधिक वैध खेती वाले मालवा में इस बार अफीम की फसल पर बडा संकट दिखाई दे रहा है.

दुनिया में अफीम की सर्वाधिक वैध खेती वाले मालवा में इस बार अफीम की फसल पर बडा संकट दिखाई दे रहा है.

दुनिया में अफीम की सर्वाधिक वैध खेती वाले मालवा में इस बार अफीम की फसल पर बडा संकट दिखाई दे रहा है.

    नीमच और रतलाम जिले में मौसम की बेरूखी और फसल को रोग लगने की मार से सैकड़ों अफीम किसान परेशान है. अकेले नीमच जिले में करीब एक हजार किसानों ने बेशकीमती फसल खराब होने पर उसे उखड़वाने के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के पास आवेदन दिया है.

    दुनिया में अफीम की सर्वाधिक वैध खेती वाले मालवा में इस बार अफीम की फसल पर बड़ा संकट दिखाई दे रहा है. अवर्षा की स्थिति और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के अलावा मौसम अनुकूल नहीं होने की वजह से अफीम की फसल बर्बादी की कगार पर है.

    दरअसल, अफीम की फसल के लिए ठंडे मौसम की जरूरत होती है. लेकिन इस बार मौसम ने किसानों का साथ बिलकुल नहीं दिया. ठंड में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा होने की वजह से अफीम की फसल में काली मिस्सी ओर धोली मिस्सी जैसे रोग लग गए.

    किसानों के लिए 'इधर कुंआ उधर खाई'

    अफीम किसान उमराव सिंह गुर्जर ने बताया कि मौसम का साथ ना होने के कारण अब किसान केन्‍द्र सरकार द्वारा तय की गई एक हेक्‍टेयर पर 56 किलो की औसत सरकार को नहीं दे पाएंगे. ऐसे में उनके पास फसल उखड़वाने का आवेदन देने के अलावा कोई चारा नहीं है. क्‍योंकि यदि
    फसल नहीं उखड़वाई तो वो नारकोटिक्‍स विभाग को पूरी औसत नहीं दे पाएंगे और विभाग उनका अफीम पट्टा अगले साल के लिए काट देगा.

    वहीं दूसरी ओर किसान राजेश पाटीदार ने बताया कि इस बार जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उनकी फसलें पिछली बार भी उखड़वाई गई थी. ऐसे में किसानों के लिए इधर कुआं उधर कुंआ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं. क्योंकि नारकोटिक्‍स विभाग का नियम है कि यदि कोई अफीम किसान लगातार दो साल तक फसल उखड़वाने का आवेदन देता है तो उसे अगली बार नया पट्टा नहीं मिलता.

    नीमच में ही हालात ये हैं कि इस साल 7 हजार 952 किसानों ने अफीम की फसल लगाई थी इनमें से 950 किसान अब तक फसल उखड़वाने का आवेदन दे चुके हैं. वहीं मंदसौर में 42 अफीम किसान में से 41 किसान फसल हटाने का आवेदन दे चुके हैं. वहीं पिपल्यिा पंथ में 11 अफीम के पट्टे है जिसमें से 8 ने अफीम बोई थी लेकिन इन में से 7 किसानों ने फसल उखड़वाने का आवेदन दे दिया है.

    Tags: Crops ruined, Neemuch news

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