फर्ज़ी सूची जारी होने के बाद इन दावेदारों का हो सकता है पत्ता साफ

सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.

मीनाक्षी नटराजन से जुड़़े जितने भी नाम हैं वो सर्वे रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं. इसलिए वो सारे नाम दौड़ से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं

  • Share this:
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा में घमासान जारी है. भाजपा की प्रस्तावित सूची लीक होने के बाद मारामारी और बढ़ गयी. एक बड़ा झंझट ये हो गया है कि जो सूची भाजपा ने बनायी है वो विस्तारकों की रिपोर्ट और संघ के नामों से मेल नहीं खा रही. ऐसे में इतना तो साफ़ हो गया है कि जो नाम प्रदेश भाजपा ने दिल्ली भेजे हैं उन पर लकीर फिर सकती है और कई सिटिंग विधायकों के टिकिट कट सकते हैं.

ताजा घटनाक्रम के अनुसार भाजपा में टिकटों को लेकर पूरी तरह संघ और विस्तारकों की रिपोर्ट और सर्वे को आधार बनाया जा रहा है क्योंकि भाजपा की प्रस्तावित सूची लीक होने के बाद प्रदेश में भारी विरोध पैदा हो गया जिसकी खबरें दिल्ली तक पहुंचीं थीं और पार्टी ने तय किया कि जो ज़मीनी रिपोर्ट है उसी को तरजीह दी जाए.

इधर कांग्रेस में भी घमासान जारी है मालवा की बात करें तो एक ख़ास बात यह देखने में आयी है कि मीनाक्षी नटराजन से जुड़़े जितने भी नाम हैं वो सर्वे रिपोर्ट में शामिल नहीं हैं. इसलिए वो सारे नाम दौड़ से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं. मीनाक्षी के पैनल में अधिकांश वो नाम हैं जो लगातार चुनाव हारते रहे हैं और जनता से सीधे सम्पर्क में नहीं हैं. बताते है कि राहुल गांधी के एमपी दौरे के दौरान ये बात उन्हें बता दी गयी कि अगर गुटबाज़ी के आधार पर टिकट बांटे गए तो फिर कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ेगा.



इस पर राहुल गांधी ने साफ़ कर दिया कि उम्मीदवार किसी भी गुट का हो सर्वे में नाम प्रमुखता से होना चाहिए. ऐसे में कांग्रेस में मनासा से पूर्व काबीना मंत्री नरेंद्र नाहटा और गरोठ से सुभाष सोजतिया के नामों पर मुहर लगने की जो बात सामने आयी थी अब उनका भी टिकट खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है. (नीमच से मुस्तफा हुसैन की रिपोर्ट)
ये भी पढ़ें - VIDEO : घर के घमासान के कारण टिकट नहीं हो पा रहे फायनल

VIDEO : 1 के साथ 1 फ्री, फिर भी नहीं बन पा रही यहां बात
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज