मालवा बना बड़ा चुनावी अखाड़ा, सिंधिया को मैदान में उतारने की तैयारी में कांग्रेस!

Scindia (File Photo)
Scindia (File Photo)

किसान नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात के नेता जिग्नेश मेवाणी के साथ मालवा से बीजेपी के खिलाफ चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया है.

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मध्य प्रदेश में चुनावी रण का आगाज हो चुका है. पूरे प्रदेश में इस समय मालवा में चुनावी सरगर्मी सबसे तेज है. हर पार्टी मालवा की 48 सीटों पर नजरें गड़ाए बैठी है. उसी का नतीजा है कि शनिवार से हार्दिक पटेल ने गुजरात के नेता जिग्नेश मेवाणी के साथ मालवा से बीजेपी के खिलाफ चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया है. उन्होंने साफ संकेत दिया है कि मालवा को वे चुनावी अखाड़ा बनाएंगे. हार्दिक तीन दिन तक मध्य प्रदेश में रहेंगे. उनके साथ किसान क्रान्ति सेना के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार भी हैं.

दरअसल, हार्दिक पटेल मालवा में कांग्रेस का हाथ मजबूत करेंगे, लेकिन कांग्रेस भी मालवा में अपना दम दिखाना चाहती है. इसलिए प्रदेश में सबसे पहली चुनावी सभा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मालवा के मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से की क्योंकि कांग्रेस जानती है किसान आंदोलन में झुलस चुके मालवा में उसकी राह आसान हो सकती है. (इसे पढ़ें- विस्तारकों ने कही ऐसी बात कि अमित शाह भी सोच में पड़ गए)

इधर पार्टी के सूत्रों से एक बड़ी खबर और आ रही है. वह यह कि कांग्रेस के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया मालवा के जावरा से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. जावरा नीमच मंदसौर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है लेकिन रतलाम जिले में आता है.



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इसके अलावा मालवा पूर्व में सिंधिया रियासत का हिस्सा रहा है और अपने हर भाषण में सिंधिया मालवा को अपना घर कहते हैं. वहीं सबसे ख़ास बात यह है कि किसान आंदोलन से लेकर आज तक लगातार सिंधिया यहां आते रहे हैं और उन्होंने खासी ज़मीन तैयार कर ली है. इस क्षेत्र में उनका भाषण बेहद व्यक्तिगत टच लिए हुए होता रहा है.

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वहीं सिंधिया के जावरा से चुनाव लड़ने की खबरों के चलते ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जावरा आए थे और उन्होंने पार्टी की ज़मीन टटोली. यहां से अभी बीजेपी के राजेंद्र पांडे विधायक हैं, जो पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्व. लक्ष्मीनारायण पांडे के बेटे हैं. हाल की सर्वे रिपोर्ट उनके पक्ष में नहीं है.

अगर सिंधिया मैदान संभालते हैं तो बीजेपी को कोई कद्दावर नेता उतारना पड़ेगा. वैसे बताया जा रहा है कि पिछले दिनों जब अमित शाह जावरा आए थे तब पार्टी के कार्यक्रम में उपस्थिति संतोषप्रद नहीं रही थी.


उधर सिंधिया के जावरा से चुनाव लड़ने की खबरों ने बीजेपी को परेशान किया हुआ है. जानकार बता रहे हैं कि पार्टी कैलाश विजयवर्गीय को जावरा से चुनाव मैदान में उतार सकती है, क्योंकि विजयवर्गीय का मालवा में खासा आधार है और वे एक कद्दावर नेता के रूप में देखे जाते हैं. यदि चुनाव में यही समीकरण रहे तो मालवा बड़ा चुनावी अखाड़ा बन जाएगा.

विजयवर्गीय के अलावा रतलाम विधायक चेतन कश्यप को भी पार्टी सिंधिया के सामने उतार सकती है, क्योकि कश्यप आर्थिक रूप से बेहद ताकतवर माने जाते हैं. वहीं जावरा में जैन समाज ताकत में है और कश्यप जैनी होने के कारण जैन समाज में अपनी बड़ी पैठ रखते हैं.

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