दो सालों से नहीं सुन रहा था प्रशासन, ज्ञापन लेकर पहुंच गए 'हनुमान' के पास

जिले के 340 से ज्यादा स्कूलों का पिछले दो सत्रों का करीब 10 करोड़ का बकाया आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश को लेकर है.

Mustafa Hussain | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 17, 2018, 8:16 PM IST
दो सालों से नहीं सुन रहा था प्रशासन, ज्ञापन लेकर पहुंच गए 'हनुमान' के पास
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Mustafa Hussain
Mustafa Hussain | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 17, 2018, 8:16 PM IST
मध्य प्रदेश के नीमच जिले अशासकीय शिक्षण संस्थानों ने आज अनूठा प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भगवान हनुमान को सौंपा है. निजी स्कूल में संस्थानों ने प्रशासन द्वारा आरटीई के तहत भुगतान न किए जाने पर सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर भगवान को ज्ञापन सौंपा है.

जिले के 340 से ज्यादा स्कूलों का पिछले दो सत्रों का करीब 10 करोड़ का बकाया आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश को लेकर है. लेकिन दो सालों से लगातार भुगतान की मांग स्थनीय स्तर से लेकर राजधानी भोपाल तक की. जब इनकी बात नहीं सुनी तो लोगों ने भगवान की शरण ले ली. बता दें कि अशासकीय शिक्षण संसथान अपने भुगतान सहित आरटीई के तहत दिए जाने वाले प्रवेश की विसंगतियों को दूर किये जाने की मांग को लेकर पिछले दो सालों से आंदोलन कर रहे है.

अशासकीय शिक्षण संस्थान ने फैसला कर मंगलवार को एक रैली निकाली. संस्थान के लोगों की रैली जब कलेक्ट्रेट पहुंची तो उन्होंने अपनी मांगों को लेकर पहला ज्ञापन भगवान के दरबार में रखा. कलेक्ट्रेट में स्थित भगवान हनुमान के मंदिर में लोगों ने ज्ञापन सौंपकर सरकार को सद्बुद्धि देते हुए उनकी मांगे मानने की प्रार्थना की.
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