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ड्रग माफियाओं की अब खैर नहीं, एमपी और राजस्थान पुलिस करेगी संयुक्त ऑपरेशन

ड्रग माफियाओं की अब खैर नहीं, एमपी और राजस्थान पुलिस करेगी संयुक्त ऑपरेशन

मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमांत ज़िलों के पुलिस अधिकारी

मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमांत ज़िलों के पुलिस अधिकारी

सोमवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमांत ज़िलों के पुलिस अधिकारी नीमच में जुटे

    मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस ने दोनों राज्यों की सीमाओं पर हो रही ड्रग सप्लाई और ड्रग माफियाओं को सबक सिखाने के लिए कमर कस ली है. फैसला किया गया है कि आने वाले दिनों में एक संयुक्त ऑपरेशन के माध्यम से माफियाओं को पकड़ा जाएगा.

    दरअसल, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मालवा और मेवाड़ में इस समय काले सोने यानी अफीम की फसल पूरे शबाब पर है. ऐसे में दोनों ही राज्यों की पुलिस के माथे पर चिंता की रेखाएं है, क्योंकि यही वो समय है जब ड्रग माफिया नशे की तस्करी को अंजाम देते हैं.

    इसी के मद्देनज़र सोमवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमांत ज़िलों के पुलिस अधिकारी नीमच में जुटे और एक्रॉस द बॉर्डर मूवमेंट कर रहे गैंगस्टर, ड्रग माफिया और अपराधियों को लेकर लम्बी बातचीत के बाद अपराधों की रोकथाम के लिए रूपरेखा बनाई. इस दौरान दोनों राज्यों की पुलिस ने तीन सौ से ज़्यादा अपराधियों की सूची पर चर्चा की जो एमपी और राजस्थान में अपराधों को अंजाम देते रहे है.

    इस मामले में जानकारी देते हुए आईजी अजमेर ज़ोन मालिनी अग्रवाल ने बताया की एमपी से जुड़े जिलों में पुलिस से जुड़े जो मुद्दे है उस पर आज मीटिंग की गयी जिसमे जो गैंग्स है, उसके बारे में हमने नोट एक्सचेंज किये कौनसे ऐसे अपराधी है जिनपर हमें सख्त कार्रवाही करनी है और बॉर्डर से जुड़े अपराधों के मामले में हमने बात की के इन अपराधों की रोकथाम कैसे की जाए. आईजी मालिनी अग्रवाल ने कहा कि हमने वांछित अपराधियों की सूची का भी आदान प्रदान किया है. हमारा प्रयास है दोनों राज्यों की पुलिस में समन्वय बिठाकर अपराधों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए.

    गौरतलब है कि इस समय मालवा और मेवाड़ में काले सोने यानी अफीम की फसल कड़ी है. दोनों ही राज्यों में इस सीज़न में अफीम लूट की घटनाएं होती हैं. ये समय पुलिस के लिए बड़ी मेहनत का समय होता है. दोनों राज्यों के लिए इस समय बड़ी चुनौती मादक पदार्थो की तस्करी और तस्कर हैं, जिन्हें लेकर भी खास तौर पर चर्चा की गई.

    एसपी नीमच तुषारकान्त विधार्थी ने बताया कि बॉर्डर इलाकों में तस्करों को लेकर साझा कार्रवाई किये जाने को लेकर रुपरेखा बनाये जाने का निर्णय लिया गया. बैठक में मप्र के 192 वांडेट अपराधी जिनकी तलाश पुलिस को लम्बे समय से है और वे राजस्थान में छिपे हैं, उनकी सूची मप्र पुलिस ने राजस्थान के अधिकारियो को सौंपी तो वहीं राजस्थान पुलिस ने भी अपने 185 अपराधियों की सूची मप्र पुलिस को सौपी जिनको आने वाले दिनों में एक जॉइंट ऑपरेशन के माध्यम से पुलिस पकड़ने के प्रयास करेगी.

    एसपी भीलवाड़ा प्रमोद मोहन ने कहा की ऐसे आपराधिक गिरोह जो एमपी और राजस्थान में आपराधिक घटनाएं करते है ऐसे क्रिमिनल जिनके डेरे चित्तौड़ और भीलवाड़ा जिले में है. सामूहिक रूप से जॉइंट रेड करने की रूपरेखा बनाई गयी इसके साथ सबसे महत्वपूर्ण विषय मादक पदार्थ, अफीम और डोडा चूरा की तस्करी को रोकने के सामूहिक प्रयास किये जाएंगे एसपी प्रमोद मोहन ने कहा की इसमें पडोसी थानों का वन टू वन कोर्डिनेशन बना रहे है इसके लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण थी.

    इस बैठक में एसपी चित्तौड़ प्रसन्न कुमार खिमेसरा सहित एमपी और राजस्थान के सीमांत ज़िलों के एडिशनल एसपी और तमाम थाना प्रभारी मौजूद थे.

    Tags: Madhya pradesh news, Neemuch news

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