ईद पर नीमच-मंदसौर में पसरा सन्नाटा, बिना किसी घोषणा के बंद रहे बाजार

राजस्थान के बॉर्डर पर बसे मध्यप्रदेश के नीमच और मंदसौर सहित जिलों के कई कस्बे गुरुवार को अघोषित रूप से बंद रहे. इसको लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट नज़र आया.

Mustafa Hussain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 7, 2016, 5:44 PM IST
ईद पर नीमच-मंदसौर में पसरा सन्नाटा, बिना किसी घोषणा के बंद रहे बाजार
मंदसौर बंद की तस्वीर
Mustafa Hussain
Mustafa Hussain | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: July 7, 2016, 5:44 PM IST
राजस्थान के बॉर्डर पर बसे मध्यप्रदेश के नीमच और मंदसौर सहित जिलों के कई कस्बे गुरुवार को अघोषित रूप से बंद रहे. इसको लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट नज़र आया.

जानकारी के मुताबिक, शनिवार-रविवार की दरम्यिानी रात शहर के कुछ हिस्सों में घरों के बाहर खड़े चार पहिया वाहनों की असामाजिक तत्वों ने गई तोड़-फोड़ कर डाली. इस घटना से क्षुब्ध दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया. कुछ दुकानें बंद रहीं तो उनको देखकर दूसरों ने भी नहीं खोलीं.

इसी के चलते पिछले साल की तरह इस बार भी नीमच के मनासा, जावद और मंदसौर के गरोठ और भानपुरा समेत सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे. यही नहीं, छोटी से छोटी गुमटियां तक बंद रहीं.

उधर, इस बंद के विरोध में कांग्रेस ने शांतिमार्च निकाला. कांग्रेस नेताओं ने दुकानदारों से ईद के त्यौहार पर दुकानें खोलने के लिए अपील की, जिसके चलते कई जगह विवाद की स्थिति भी बन गई. हालांकि, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालकर बात नहीं बिगड़ने नहीं दी.

प्रशासन को भनक तक नहीं लगी

चौंकाने वाली बात यह रही कि, इस बंद को लेकर पुलिस-प्रशासन को कोई खबर नहीं लगी. यहां तक कि जनता ही नहीं समझ पाई कि एकदम से व्यापारियों ने दुकानें बंद क्यों रखी हैं. शहर के प्रमुख बाजारों सहित गली-मोहल्लों की दुकानें बुधवार सुबह नहीं खुलीं. अचानक बाजार बंद होने का न दुकानदारों को पता था और न ही आमजन समझ पाए. ज्यादातर दुकानदारों ने एक-दूसरे को देखकर अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले. प्रमुख त्योहार ईद के एक दिन पहले अघोषित बंद से प्रशासन भी सकते में आ गया। -

एक कारण यह भी
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नीमच और जावद में पिछले वर्ष हनुमान जयंती के जुलूस पर पथराव के बाद दो पक्षों में विवाद हो गया था. दोनों ओर से जमकर हथियार चले थे. इसमें क़रीब 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. इससे विवाद और भड़का और उत्पातियों ने दुकानों में आग लगा दी थी. आगजनी में कई दुकानें, ठेलों और करीब इतने ही वाहन जल गए थे. उस दौरान भी व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर अपना विरोध जताया था.

ईद पर परेशानी

ईद पर अच्छी खासी ग्राहकी होती है, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण दुकानदारों को खासा नुकसान उठाना पड़ा. त्यौहार पर लोग खरीददारी भी नहीं कर पाए और शहर के हर बाजार में उन्हें निराशा हाथ लगी. वहीं, शहर के नेहरू बस स्टैंड और महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर होटल बंद होने से यात्री परेशान हुए. किराना दुकानें बंद होने के कारण रोजमर्रा में उपयोग होने वाला सामान नहीं मिल पाया.
First published: July 7, 2016, 5:36 PM IST
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