#Assembly Elections : मंदसौर-नीमच में कांग्रेस के पैनल तैयार, चर्चा में हैं ये नाम

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर.
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर.

कांग्रेस सर्वे का काम खत्म करके उम्मीदवारों के पैनल बना चुकी है. इन पैनलों में जो नाम हैं, वो वही हैं, जो आम चर्चाओं में हैं.

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मध्‍यप्रदेश के मंदसौर-नीमच जिले में विधानसभा चुनाव को लेकर टिकटों की दावेदारी और भावी उम्‍मीदवारों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. भाजपा में टिकटों को लेकर ज्‍यादा मारामारी मची है, वहीं कांग्रेस सर्वे का काम खत्म करके उम्मीदवारों के पैनल बना चुकी है. इन पैनलों में जो नाम हैं, वो वही हैं, जो आम चर्चाओं में हैं.

बाहरी व्यक्ति को टिकट नहीं
कांग्रेस और भाजपा के सर्वे रिपोर्ट और रायशुमारी में एक बात कॉमन रूप से सामने आई है. वह यह कि दोनों ही पार्टि‍यां किसी भी सूरत में बाहरी उम्मीदवार को टिकट नहीं देंगी. कांग्रेस और भाजपा से जुड़े ऐसे बाहरी नेताओं का नाम पार्टी हाईकमान के सामने कहीं चर्चाओं में नहीं है, जो टिकट की आस में आकाश-पाताल एक किए हुए हैं.

नीमच  जिले की सीटें 
यदि कांग्रेस की बात की जाए तो नीमच जिले की जावद विधानसभा सीट पर कांग्रेस के सर्वे में राजकुमार (राजू) अहीर और सत्यनारायण (सत्‍‍‍‍तू) पाटीदार के अलावा एक नाम और उभरकर का





सामने आया है. वो चौंका देने वाला है. यह नाम है किसान नेता शिवनारायण पाटीदार का. सूत्र बताते हैं कि शिवनारायण अपने दम पर सीधे राहुल गांधी के दफ्तर के सम्पर्क में हैं.

नीमच सीट से कभी युवा नेता तरुण बाहेती जोर-पानी में अव्वल दिखते थे, लेकिन उन पर मनासा में हुए 'कातिलाना' हमले ने उन्हें विवादास्पद कर दिया है. शायद कार्यक्रम जमाने वाले अपने मकसद में कामयाब होते दिख रहे हैं. बाकी नीमच की वही पुरानी पैनल है, जिसमें केवल रघुराज सिंह चौरड़िया का



नाम नहीं है. कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो मनासा में जमीन पर इन्दर मामा और विजू बना मजबूती में हैं. यहां भी बाहरी उम्मीदवार यानी नरेंद्र नाहटा का नाम उम्मीदवारों की फेहरिस्त में कही नहीं दिखता. हां, मंगेश संघई भी कतार में लगे हैं.

मंदसौर जिले की सीटें 
मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ सीट पर पहले पायदान पर परशुराम सिसौदिया का नाम है, तो दूसरा नाम श्याम जोकचंद का है. इन दो नामों के अलावा कोई तीसरा नाम अभी सर्वे में नहीं आया है. मंदसौर सीट



से मुकेश काला के लड़ने की पूरी तैयारी है, जबकि पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा यहां से हाथ आजमाने के मूड में हैं, लेकिन भोपाल-दिल्ली में यह दावा उतना मजबूत नहीं दिखता. इतना जरूर है कि यदि हार्दिक पटेल की चली तो पाटीदार समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार यहां से कांग्रेस के प्रत्‍याशी हो सकते हैं.

सीतामऊ में संभावित भाजपा उम्मीदवार का माइनस कांग्रेस विधायक हरदीप डंग का प्लस है, लेकिन एंटी इन्कम्बेंसी के चलते पैनल में दूसरा नाम ओमसिंह भाटी ठिकाना हलदूनी का है. ओम सिंह भाटी कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं. यदि ज़्यादा खींचतान नहीं हुई तो वे इस बार टिकट के करीब लगते हैं, जबकि गरोठ में सुभाष सोजतिया की उम्मीदवारी के सामने कोई और उम्मीदवार अपना रंग जमाता अभी नहीं दिख रहा. वहां से सिंगल नाम है.



यदि कांग्रेस की रायशुमारी, पेनलिंग में सामने आए नाम और बड़े नेताओं की बातचीत पर भरोसा करें तो नीमच- मंदसौर संसदीय क्षेत्र की सीटों की संभावित टीम अब साफ दिखने लगी है. लगता है प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कमलनाथ के दावे के अनुसार अक्टूबर महीने में उम्मीदवारों के नाम का एलान कर देगी. सबसे खास बात यह कि इस बार कांग्रेस उम्मीदवार के खीसे को देखकर भी टिकट बांटेगी, क्योंकि पार्टी के पास साधन-संसाधन उतने नहीं हैं. कांग्रेस ने गुजरात में भी इस बात का खास ध्यान टिकट बांटने में रखा था.

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