अफीम किसानों को राहत, NDPS ACT में रोके गए पट्टे तत्काल जारी करने का आदेश
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अफीम किसानों को राहत, NDPS ACT में रोके गए पट्टे तत्काल जारी करने का आदेश
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला अफीम किसानों को राहत

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) के अफीम किसानों (Opium Farmers) की मांग पर केंद्र (Centre) ने एनडीपीएस प्रकरणों के चलते रोके गए अफीम के पट्टों को तत्काल जारी करने का निर्देश दिया है.

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नीमच. अफीम नीति को लेकर मालवा (Malwa) और मेवाड़ (Mewar) के अफीम किसानों में भारी नाराज़गी है. अफीम उत्पादक क्षेत्रों के सांसदों ने दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) से मुलाकात की. उनकी मांग पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार को केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि एनडीपीएस (NDPS ACT - The narcotic drugs and psychotropic Substances act, 1985) के प्रकरणों के चलते जो अफीम पट्टे रोके गए थे, उन्हें तत्काल जारी किया जाए. ये कानून पिछले साल की अफीम नीति (Opium Policy) में बना था, लेकिन इसका क्रियान्वयन आज हो पाया. आज जारी इस नोटिफिकेशन से मालवा और मेवाड़ के अफीम किसानों में हर्ष की लहर है. अब किसान मॉर्फिन प्रतिशत घटाने और औसत के आधार वाला नियम बदलने की मांग कर रहे हैं.

सांसदों ने की थी केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात
इस पूरे मामले में जानकारी देते हुए चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी ने बताया कि उन्होंने मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की और उन्हें अफीम किसानों की पीड़ा बताई, चूंकि ये मामला लगातार दिल्ली में उठता रहा है इसलिए आज केंद्र सरकार ने एनडीपीएस प्रकरणों के कारण रुके हुए अफीम पट्टों को जारी करने का फैसला ले लिया और नोटिफिकेशन जारी कर दिया.

अफीम उत्पादक इलाकों के सांसदों से मुलाकात के बाद वित्तमंत्री ने लिया फैसला

किसानों ने किए थे आंदोलन


गौरतलब है की केंद्र सरकार ने जो नई नीति जारी की उसमे अफीम का पट्टा जारी करने के लिए मॉर्फिन पर्सेंटेज को आधार बनाया और कहा कि जिन किसानों की अफीम में 4.5 प्रतिशत प्रति किलो के मान से मॉर्फिन निकली है, उन्हें ही पट्टे दिए जाएंगे, वहीं 20 आरी का पट्टा घटाकर 6 आरी और 10 आरी का कर दिया गया जिसके चलते अफीम किसानों का रकबा घटकर आधा रह गया. इस मामले को लेकर मालवा और मेवाड़ के अफीम किसानों ने पिछले एक माह में कई आंदोलन भी किए जिसके चलते केंद्र को ये फैसला करना पड़ा.

नई अफीम नीति के कारण भाजपा में भी दो फाड़
यही नहीं नई अफीम नीति के कारण भाजपा में भी दो फाड़ हो गए थे. एक तरफ जहां उनके सांसद अफीम किसानों को जवाब नहीं दे पाए तो दूसरी तरफ भाजपा विधायक खुलकर अफीम किसानो के पक्ष में खड़े हो गए नीमच के जावद से भाजपा विधायक ओम प्रकाश सखलेचा ने तो यहां तक कह दिया कि किसी भी सूरत में मॉर्फिन के आधार पर पट्टे जारी नहीं होने चाहिए. नए पट्टे पूर्व की तरह औसत के आधार पर ही जारी होने चाहिए. किसानों को क्या पता उनकी अफीम में कितनी मॉर्फिन निकलेगी, जबकि मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारु ने कहा कि पट्टे जारी करने के लिए मॉर्फिन का पर्सेंटेज 4.5 के स्थान पर 3.5 होना चाहिए.

जल्द दूर होगी अफीम किसानों की नाराज़गी
मॉर्फिन प्रतिशत और पट्टे के आधार के मामलों पर अभी फैसला होना है. इन दोनों मामलों के चलते ही मालवा और मेवाड़ के हज़ारों किसान अपने अपने खेत छोड़कर बैठे हैं. चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी ने कहा की यह सारे मुद्दे वित्तमंत्री की जानकारी में हैं. उन्होंने कहा चूंकि रेवन्यू सेक्रेटरी दिल्ली से बाहर थे इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी. वे अब आ गए हैं, लिहाज़ा इस बारे में जल्द ही फैसला होगा.

दरअसल अफीम किसानों की नाराज़गी और एमपी-राजस्थान में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनज़र भाजपा भी अफीम नीति में बदलाव चाहती है. झालावाड़ सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा हमने वित्त मंत्री से मॉर्फिन पर्सेंटेज 4 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर करने की कहा था जिसपर वित्तमंत्री ने सहमति जताई है. उम्मीद है कि सरकार जल्द ही मॉर्फिन पर्सेंटेज घटा देगी जिससे हज़ारों अफीम किसानों के कटे हुए पट्टे बहाल हो जाएंगे

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