Ground Report : मालवा में बाग़ी बिगाड़ रहे हैं बीजेपी-कांग्रेस दोनों के समीकरण

नीमच मंदसौर की सातों विधानसभा सीट में से भाजपा ने एक भी गुर्जर, गायरी और धनगर मतदाता को उम्मीदवार नहीं बनाया जबकि इन सात सीट पर डेढ़ लाख से अधिक गुर्जर- गायरी और धनगर समाज के हैं.

Mustafa Hussain | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 10, 2018, 2:36 PM IST
Ground Report : मालवा में बाग़ी बिगाड़ रहे हैं बीजेपी-कांग्रेस दोनों के समीकरण
(File Photos)
Mustafa Hussain
Mustafa Hussain | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 10, 2018, 2:36 PM IST
नामांकन पत्र दाख़िल करने की तारीख़ बीतने के साथ ही नीमच मंदसौर ज़िले में चुनाव का सीन साफ हो गया है. भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़े दल बगावत से जूझ रहे हैं. लेकिन एक बात ध्यान देने की है कि, बीजेपी में पिछड़े वर्ग के नेता बगावत कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस में सवर्णो के बागी स्वर है. अगर ये बाग़ी मैदान में डटे रहे तो दोनों दलों का खेल बिगड़ जाएगा.

बीजेपी में नीमच से पूर्व विधायक स्व.खुमान सिंह शिवाजी के बेटे सज्जन सिंह चौहान ने बगावत कर दी है. वो सोंधिया समाज के हैंं. इस समाज के करीब दस हज़ार वोट हैं. फिर स्व.शिवाजी का बड़ा नाम है. उन्होंने सात चुनाव विधान सभा चुनाव लड़े और पांच बार विधायक रहे. यहीं से मेनारिया ब्राह्मण और विहिप के पूर्व जिला संयोजक बाबूलाल नागदा भी मैदान में आ गए हैं. इनकी बिरादरी और सकल ब्राह्मण समाज के लोगों को मिलाकर पंद्रह हज़ार वोट हैं. जावद से कद्दावर भाजपा नेता पूर्ण अहीर ने भी निर्दलीय पर्चा भरा है. उनका ज़मीनी आधार बेहद मज़बूत है.  अगर वो मैदान में टिके तो भाजपा की मुश्किल बढ़ सकती है.

बीजेपी में दूसरा बड़ा रिवोल्ट गरोठ में हुआ. यहां से वर्तमान विधायक चन्दर सिंह सिसौदिया को टिकट नहीं मिला तो वो बाग़ी हो गए. यहां उनके सोंधिया समाज के तीस हज़ार से अधिक वोट हैं. वो पार्टी को बड़ी चुनौती दे सकते है. पार्टी ने यहां से देवीलाल धाकड़ को उम्मीदवार बनाया है. सुवासरा में भी बीजेपी नेता गोपाल काला ने बगावत का बिगुल बजा दिया है. वो पोरवाल समाज से हैं और इस समाज के यहां बीस हज़ार वोट हैं.

यदि कांग्रेस की बात करें तो जावद से समंदर पटेल बाग़ी हो गए. यहां 20 हजार पटेल वोट हैं.  ये वोटर कटटर भाजपा के माने जाते हैं इसलिए हो सकता है इसका नुकसान भाजपा को अधिक हो. जबकि नीमच से मधु बंसल ने ताल ठोंक दी है. वो कारोबारी हैं और इस समाज के यहाँ पंद्रह हज़ार वोट हैं. सुवासरा सीतामऊ से कांग्रेस के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष ओम सिंह भाटी ने पूरे दमखम से बागी पर्चा भरा. यहां राजपूत वोट  तीस हज़ार हैं. सभी ने एकमत होकर भाटी को उम्मीदवार घोषित किया.

ख़ास बात ये हैं कि नीमच मंदसौर की सातों विधानसभा सीट में से भाजपा ने एक भी गुर्जर, गायरी और धनगर को उम्मीदवार नहीं बनाया जबकि इन सात सीट पर  डेढ़ लाख से अधिक मतदाता गुर्जर- गायरी और धनगर समाज के हैं. कांग्रेस ने मनासा से एक गुर्जर को टिकट दिया है.

कांग्रेस की जिला कार्यवाहक अध्यक्ष और नीमच से बागी चुनाव लड़ रहे मधु बंसल का कहना है पार्टी आलाकमान ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है. उन नेताओ को उम्मीदवार बनाया गया जिन्होंने पार्टी से बगावत की और पार्टी को हराया.

ये भी पढ़ें -कांग्रेस का वादा MP को पटरी पर लाएंगे, बीजेपी बोली ये है झूठ का पुलिंदा
Loading...
कांग्रेस का वादा MP को पटरी पर लाएंगे, बीजेपी बोली ये है झूठ का पुलिंदा
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर