मालेगांव धमाका: BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर को बड़ी राहत, कोर्ट ने मानी यह बात

साध्वी ने एनआईए कोर्ट में आवेदन दायर किया था कि संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए उन्हें साप्ताहिक पेशी से छूट दी जाए

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 12:19 PM IST
मालेगांव धमाका: BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर को बड़ी राहत, कोर्ट ने मानी यह बात
सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कोर्ट में पेश किए अपने आवेदन में कहा था कि वे सांसद हैं और उन्हें हर दिन संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेना होता है.
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Updated: June 21, 2019, 12:19 PM IST
मालेगांव धमाका मामले में आरोपी बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह को शुक्रवार को कुछ राहत मिली. मुंबई की एनआईए कोर्ट ने साध्वी के कोर्ट में पेश होने से छूट मांगने वाले आवेदन को स्वीकार कर लिया है.

बता दें कि संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए प्रज्ञा ठाकुर ने कोर्ट के सामने सप्ताह में एक बार पेश होने में असमर्थता जताते हुए इससे छूट देने की मांग की थी. इस संबंध में कोर्ट ने पहले उनकी इस अपील को खारिज कर दिया था लेकिन शुक्रवार को कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया.



प्रज्ञा ठाकुर ने ये कहा था  
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प्रज्ञा ठाकुर ने कोर्ट में पेश किए अपने आवेदन में कहा था कि वो भोपाल से सांसद हैं और उन्हें हर दिन संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेना होता है. इसलिए वो हर दिन कोर्ट में पेश होने में समर्थ नहीं हैं. लेकिन कोर्ट ने पहले उन्हें सिर्फ एक दिन गुरुवार (20 जून) को अदालत में पेश होने से छूट दी थी. वहीं कोर्ट ने शुक्रवार को साध्वी के इस आवेदन को स्वीकार कर उन्हें बड़ी राहत दी.

क्या था यह पूरा मामला
महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को बम धमाका हुआ था. ब्लास्ट के लिए मोटर साइकिल में बम लगाया गया था. इस आतंकी हमले में 7 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. शुरुआत में इस घटना की जांच महाराष्ट्र पुलिस की एटीएस ने की थी. बाद में यह मामला जांच के लिए एनआईए को सौंप दिया गया था.

एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि घटना की साजिश अप्रैल 2008 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रची गई थी. जबकि 24 अक्टूबर, 2008 को इस मामले में स्वामी असीमानंद, कर्नल पुरोहित और प्रज्ञा ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था. जबकि 3 आरोपी फरार दिखाए गए थे. प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी का आधार ब्लास्ट में उपयोग की गई मोटरसाइकिल थी. यह मोटरसाइकिल उनके (प्रज्ञा ठाकुर) नाम रजिस्टर्ड थी. प्रज्ञा ठाकुर लगभग 9 साल तक जेल में रहीं. जिसके बाद अप्रैल 2017 में उन्हें कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई थी.

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First published: June 21, 2019, 11:57 AM IST
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