मध्य प्रदेश में 1100 के पार हुए कोरोना मरीज लेकिन जांच किट और पीपीई की भारी कमी

 देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में 842 पॉजिटिव केस मिले हैं, जिनमें से अब तक 47 की मौत हो चुकी है.
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में 842 पॉजिटिव केस मिले हैं, जिनमें से अब तक 47 की मौत हो चुकी है.

बीते 24 घंटों सबसे ज्‍यादा कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) के केस इंदौर (Indore) शहर से आए हैं. यहां कोरोना वायरस (Coroana Virus) से संक्रमित मरीजों की संख्‍या 707 हो गई है.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बुधवार को 1164 तक तक पहुंच गया. इस बीच, सूबे के अस्‍पतालों में जीवन रक्षक उपकरणों का स्‍टॉक की संख्‍या मुट्ठी भर बचा है. यही नहीं, कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए आवश्‍यक लैब किट का स्‍टॉक भी सूबे के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के पास से खत्‍म होने की कगार पर है. आलम यह है कि सूबे में आरएनए एक्‍सट्रैक्‍शन किट (RNA extraction kit) और आरटी पीसीआर किट (RT PCR kit) की मांग जहां लाखों में है. वहीं, उनकी उपलब्‍धता क्रमश: 200 और 6000 है. यह सब तब है, जब सूबे में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हो रहा है और संदिग्‍धों की व्‍यापक जांच होनी है.

मध्‍य प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार, कोरोना संक्रमण की जांच के लिए उनके पास मैनुअल आरएनए एक्‍सट्रैक्‍शन किट की उपलबधता महज 12700 की थी, जिसमें से 12500 किट विभिन्‍न हॉस्पिटल्‍स को जारी की जा चुकी है. वर्तमान समय में उनके पास इस किट का स्‍टॉक महज 200 का बचा है. विभाग के अनुसार, 1.16 लाख किट आर्डर की गई हैं. जिनका प्रिक्‍योरमेंट अभी तक नहीं हुआ है. कुछ ऐसे ही हालात, आरटी पीसीआर किट के भी हैं. राज्‍य में इस किट की उपब्‍धता 21520 की थी, जिसमें से 15520 जारी की जा चुकी हैं और अब 6000 किट ही स्‍टॉक में उपलब्‍ध हैं. विभाग ने 1.02 लाख किट का आर्डर किया है, जो अभी तक आना बाकी है.

मुट्टी भर बचे हैं जीवन रक्षक उपकरण
मध्‍य प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हो रहा है. आलम यह है कि बृहस्‍पतिवार को यह आंकड़ा 1164 तक पहुंच गया. रोजाना बड़ी तादाद में कोरोना संदिग्‍धों को क्‍वारेंटाइन किया जा रहा है. ऐसे में, कोरोना संक्रमित का इलाज और संदिग्‍ध मरीजों की देखभाल कर रहे मेडिकल स्‍टाफ की पहली जरूरत जीवन रक्षक उपकरणों की है, जिससे वे खुद को इस महामारी से बचा सकें. लेकिन मध्‍य प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को 2.15 लाख पीपीई की जरूरत है, उसके पास सिर्फ 9080 पीपीई बचे हुए हैं. यही हाल, एन-95 मास्‍क का है. सूबे मेडिकल स्‍टाफ को जहां 2.25 लाख मास्‍क की जरूरत है, वहीं उपलब्‍धता मज 9500 की है.
67 कोरोना संक्रमित मरीजों की हालत नाजुक


सूबे में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्‍या अब 1164 हो गई है. बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 938 का था. थोड़ा राहत देने वाली बात यही है कि 1164 में करीब 977 मरीजों की हालत अ‍ब स्थिर है. वहीं 67 मरीज ऐसे भी हैं, जिनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई है. सूबे में अबतक कोरोना संक्रमण की वजह से 55 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अब तक महज 65 लोग ही ऐसे हैं, जो स्‍वस्‍थ्‍य होकर घर जा सके हैं. स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार, वर्तमान समय में 405 लोगों को कंटेन्‍मेंट क्षेत्र में रखा गया है. बीते 24 घंटों सबसे ज्‍यादा कोरोना पॉजिटिव के केस इंदौर शहर से आए हैं. यहां बुधवार तक जहां को जहां कोरोना वायरस से संक्रमित होने के 544 केस थे, वहीं बृस्‍पतिवार को यह संख्‍या बढ़ कर 707 तक पहुंच गई थी. फिलहाल, मध्‍य प्रदेश के 26 जिले कोरोना संक्रमण से प्रभावित हैं.

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