'स्पेशल 26' की तर्ज पर ठगी का पर्दाफाश, आयकर अधिकारी बन कई अफसरों को लगाया था चूना

दोनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रेदश के कई जिलों पन्ना, दमोह, सागर, विदिशा, मंदसौर जिले के आरटीओ को फर्जी आयकर नोटिस भेजा था.

Sanjay Tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 29, 2018, 9:38 AM IST
'स्पेशल 26' की तर्ज पर ठगी का पर्दाफाश, आयकर अधिकारी बन कई अफसरों को लगाया था चूना
आरोपी
Sanjay Tiwari
Sanjay Tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 29, 2018, 9:38 AM IST
मध्य प्रदेश के पन्ना में आयकर अधिकारी बनकर ठगी करने बाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रेदश के कई जिलों पन्ना, दमोह, सागर, विदिशा, मंदसौर जिले के आरटीओ को फर्जी आयकर नोटिस भेजा था. साथ ही कई अधिकारियों से लाखो रूपए की वसूली दोनों आरोपी कर चुके हैं. पकड़े गए दोनों आरोपी सतना जिले के रहने वाले हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

आरटीओ पन्ना ने 21 दिसंबर को कोतवाली पन्ना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाईल पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया और खुद को भोपाल का आयकर अधिकारी बताते हुए नोटिस भेजने की बात कही है. फर्जी नोटिस की सॉफ्ट कापी आरटीओ के मोबाइल पर भी भेजी है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिहं के निर्देशन में मामले की जांच शुरू की गई. साईबर सेल और मुखबिर की मदद से आरोपियों को सतना जिले के मैहर से गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अश्वनी सिहं व विभूति सोनी के रूप में हुई है. दोनों को गिरफ्तार कर पन्ना कोतवाली लाया गया जहां पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. अश्वनी सिहं ने बताया कि उसने एमबीए किया है, नौकरी नहीं लगने के कारण सात साल तक जबलपुर में कैफे चलाता था. कैफे के व्यापार में नुकसान हुआ और उस पर लाखो रुपए का कर्ज हो गया. तभी उसके मन में फर्जीवाड़ा करके पैसा कमाने का लालच आया. उसने कटनी से आयुक्त आयकर विभाग के नाम की मोहर बनवाई और एक रिक्शाचालक को प्रधानमंत्री आवाश योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर उसके नाम खाता खुलवाया और उसका एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया.

इसके बाद इंटरनेट से अधिकारियों का नाम, पता व मोबाइल नंबर निकाल कर फोन कर खुद को आयकर अधिकारी बताते थे. फर्जी नोटिस बनाकर अधिकारियों के पते पर भेजते थे, जिसके कुछ दिन बाद मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसों की मांग करते थे. आरोपी ने बताया कि पूर्व में वह छत्तीसगढ़ में कोरबा के आदिमजाति विभाग के आयुक्त व कवर्धा, कोरिया ,रायपुर (छ.ग.) के कई अधिकारियों को भी नोटिस भेज चुका है और सभी से करीब नौ लाख रूपए की ठगी की है.

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First published: December 29, 2018, 7:57 AM IST
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