Home /News /madhya-pradesh /

रिक्शा चलाकर-दूध बेचकर बने शिक्षक, रिटायर हुए तो बच्चों के लिए दान कर दिए PF के 40 लाख रुपये

रिक्शा चलाकर-दूध बेचकर बने शिक्षक, रिटायर हुए तो बच्चों के लिए दान कर दिए PF के 40 लाख रुपये

OMG: मध्य प्रदेश के पन्ना के सहायक शिक्षक विजय कुमार चंसोरिया ने अपने जीवन भर की कमाई बच्चों के लिए दान कर दी.

OMG: मध्य प्रदेश के पन्ना के सहायक शिक्षक विजय कुमार चंसोरिया ने अपने जीवन भर की कमाई बच्चों के लिए दान कर दी.

OMG: मध्य प्रदेश के पन्ना के सहायक शिक्षक विजय कुमार चंसोरिया ने कमाल कर दिया. उन्हें रिटायरमेंट पर 40 लाख रुपये पीएफ के मिले. उन्होंने इस रकम को बच्चों के लिए दान कर दिया. वे जिले के संकुल केंद्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया के सहायक शिक्षक थे. उन्होंने कहा कि इन रुपयो से बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा में मदद मिलेगी. इन 40 लाख रुपयों को संकुल केंद्र के अधिकारी बच्चों के विकास के लिए जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इच्छाएं अमर हैं, इसलिए सक्षम व्यक्ति को समाज के लिए आगे आना होगा.

अधिक पढ़ें ...

पन्ना. मध्य प्रदेश के पन्ना के सहायक शिक्षक ने समाज और देश के सामने मिसाल कायम की है. उन्होंने अपने रिटायरमेंट के दिन PF में मिलने वाले पूरे 40 लाख रुपये गरीब बच्चों के लिए दान कर दिए. सहायक शिक्षक का नाम विजय कुमार चंसोरिया है. उन्होंने रिक्शा चलाकर और दूध बेचकर अपनी पढ़ाई पूरी की थी और शिक्षक बने थे.

गौरतलब है कि विजय कुमार चंसोरिया जिले के संकुल केंद्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया के सहायक शिक्षक थे. रिटायरमेंट के मौके पर सहायक शिक्षक चंसोरिया ने कहा कि ये रुपये बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग करेंगे. बच्चों का भविष्य संवरेगा. इन 40 लाख रुपयों को संकुल केंद्र के अधिकारी बच्चों के विकास के लिए जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं.

इच्छाएं कभी नहीं मरती- चंसोरिया

शिक्षक चंसोरिया का मानना है कि इच्छाएं मरते दम तक पूरी नहीं होती. उन्होंने कहा- मेरी बेटी-मेरे बेटे और दामाद भगवान की कृपा से नौकरी कर रहे हैं. उन्होंने पूरे परिवार की सलाह के बाद ये फैसला किया. पूरे परिवार ने गरीब बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह 40 लाख रुपये देने के लिए हामी भर दी. चंसोरिया ने कहा कि इस तरह का काम समाज के सक्षम व्यक्तियों को करते रहना चाहिए.

इस तरह गुजारा जीवन

गौरतलब है कि विजय कुमार चंसोरिया जिले के संकुल केंद्र रक्सेहा की प्राथमिक शाला खदिंया के सहायक शिक्षक पर पद पदस्थ थे. उन्होंने बताया कि वे एक गरीब परिवार में जन्मे. पहले जीने के लिए दूध बेचा और फिर रिक्शा चलाया. इस तरह पढ़ाई पूरी कर 1983 में रक्सेहा में सहायक शिक्षक बने. उन्होंने यहां 39 साल तक बच्चों को शिक्षा दी. गरीब बच्चों के बीच रहे और हमेशा बच्चों को उपहार देते रहे. उनके मुताबिक, बच्चों को उपहार देते वक्त उनके अंदर प्रेरणा उत्पन्न होती है. उनका कहना है कि, बच्चों की खुशी में उन्हें ईश्वर दिखाई देता है.

Tags: Mp news, Panna news

अगली ख़बर