Tourism Story: फिलहाल नहीं होंगे टाइगर के दीदार, आखिर क्यों इस रिजर्व के भी दरवाजे हुए बंद?

मप्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पन्ना टाइगर रिजर्व को कोरोना वायरस के चलते फिलहाल बद कर दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

मप्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पन्ना टाइगर रिजर्व को कोरोना वायरस के चलते फिलहाल बद कर दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Tourism Story: मप्र में फिलहाल टाइगर के दीदार नहीं होंगे. सरकार ने सबसे प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व को 22 अप्रैल तक बंद कर दिया है. प्रदेश में कोरोना वायरस ने हालत बेहद खराब कर दी है.

  • Last Updated: April 19, 2021, 2:48 PM IST
  • Share this:
पन्ना. कोरोना वायरस का असर अब सीधा-सीथा मध्य प्रदेश के पर्यटन पर भी पड़ रहा है. टाइगर के लिए प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व को 22 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है. यहां कुछ दिन टाइगर के दीदार नहीं हो सकेंगे.

गौरतलब है कि News 18 ने पहले ही इस बात की आशंका जता दी थी कि पन्ना टाइगर रिजर्व बंद हो सकता है. क्योंकि, एक ओर यहां पर्यटक लगातार आ रहे थे, वहीं दूसरी ओर कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही थी. अब शासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं.

मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते हालात बेहद नाजुक 

बता दें, पूरे मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते हालात बेहद नाजुक हैं. 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश में 12,897 नए केस आए, जबकि इस दौरान रिकार्ड 79 मौतें हुई. भोपाल में रविवार को एक दिन में 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार होने से दहशत का माहौल बन गया है. बता दें कि 18 अप्रैल को मिले 17 तारीख के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था. हालांकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताया गया था.
संक्रमण दर 22.8 फीसदी पहुंची

इन आंकड़ों को देखकर यह लग रहा था कि अब अस्पतालों में बेड के साथ ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता धीरे-धीरे होने लगी है, लेकिन एक बार फिर सरकार के सभी दावे इन मौतों के आंकड़े के आगे फेल साबित हो गए हैं. दरअसल प्रदेश में संक्रमण दर 22.8 फीसदी तक पहुंच गई है. कोरोना संक्रमित का आंकड़ा बढ़कर चार लाख को पार कर गया है. ऐसे में सरकार, रेलवे के बाद आर्मी की भी मदद लेने की तैयारी में है. भोपाल समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में आर्मी के अस्पताल हैं. अगर यह कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए खोले जाते हैं तो निश्चित तौर पर सरकार पर बढ़ रहे दबाव में कमी आएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज