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इस एप को लेकर सरकार ने नाराज़ हैं MP के निजी स्कूल संचालक, ये है वजह

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 7, 2020, 6:38 PM IST
इस एप को लेकर सरकार ने नाराज़ हैं MP के निजी स्कूल संचालक, ये है वजह
एमपी में मान्यता संबंधि नियमों में बदलाव के खिलाफ निजी स्कूल संचालकों ने मोर्चा खोला

मध्य प्रदेश में स्कूलों के मान्यता संबंधी नियमों (School accreditation rules) में हुए बदलाव और इसके लिए ली जाने वाली दोगुनी फीस को लेकर निजी स्कूल संचालकों का संगठन सरकार से नाराज़ है, मांगें पूरी न होने पर संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

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भोपाल. प्रदेश भर के निजी स्कूल संचालक मान्यता संबंधी नियमों को लेकर नाराज हैं. हर साल मान्यता के लिए रिअप्लाई को लेकर अब स्कूल शिक्षा मंत्री से संघ ने बदलाव की मांग की है. मप्र अशासकीय स्कूल संचालक संघ का कहना है कि मान्यता के लिए अब तक एमपी ऑनलाइन (MP online) के माध्यम से ही आवेदन किया जाता था, लेकिन अब स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन के लिए नियम बदला है. एमपी ऑनलाइन की जगह 'एम शिक्षा मित्र एप' (M Shiksha Mitra App) पर आवेदन करना पड़ रहा है, जिसमें स्कूल में छात्र-छात्राएं, ग्राउंड, शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर हर जानकारी अपलोड करनी होती है. सर्वर डाउन होने से आवेदन करने में स्कूल संचालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में सर्वर डाउन होने से मान्यता आवेदन में दो से तीन दिन का समय भी लग रहा है.

मान्यता के लिए ली जाती है दोगुनी फीस
मप्र शासकीय स्कूल संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरके पांडे का कहना है कि मान्यता शुल्क के साथ अब संबंद्धता शुल्क भी जोड़ दिया गया है. बीते तीन सालों से मान्यता शुल्क भी दोगुना लिया जा रहा है. 21 हजार की जगह 42 हजार शुल्क वसूला जा रहा है. एमपी ऑनलाइन में जब मान्यता के लिए आवेदन करते हैं तो फीस 5 साल के लिए ली जाती है, लेकिन हर साल आवेदन करने पर फीस देनी होती है. अगर पांच साल के लिए फीस की बात कही जा रही है लेकिन हर साल मान्यता के लिए आवेदन करते समय फीस देनी होती है वहीं हर एक से दो साल में मान्यता के रिअप्लाई करना होता है. निजी स्कूल संचालक संघ का कहना है कि अगर जल्द से जल्द समस्या का समाधान नहीं होगा तो फिर आंदोलन का रास्ता चुनेंगे.

स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन

मप्र शासकीय स्कूल संचालक संघ ने स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी से उनके बंगले पर मुलाकात कर मान्यता संबंधी नियमों में बदलाव की मांग की है. स्कूल शिक्षा मंत्री का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान कराएंगे, हालांकि एक महीने पहले मान्यता को लेकर मप्र निजी स्कूल संचालक संघ की स्कूल शिक्षा मंत्री के निवास पर बैठक हुई थी, जिसमें तमाम संबंधित विभाग शामिल हुए थे लेकिन उसमें भी कुछ ठोस निकल कर नहीं आया.

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First published: February 7, 2020, 6:38 PM IST
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