दोनों पैरों से दिव्यांग 15 दिन से कर रहा गेहूं खरीदने की विनती, जानिए यहां क्यों परेशान हैं सैकड़ों किसान

मध्य प्रदेश के रायसेन में किसान परेशानी में हैं. गेहूं खरीदी नहीं हो पा रही.

मध्य प्रदेश का रायसेन जिला. यहां गेहूं खरीदी केंद्र पर किसानों की जबरदस्त भीड़ लगी हुई है. कई किसानों की फसल यहां रखी हुई है. कुछ दिन पहले हुई बारिश ने उनका तनाव बढ़ा दिया था.

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रायसेन. मध्य प्रदेश सरकार किसानों को लेकर लाख वादे कर ले, लेकिन रायसेन जिले से आ रही ये खबर सच्चाई बयां कर रही है. यहां के शासकीय गेहूं उपार्जन केंद्र तामोट पर सैकड़ों किसान परेशान हो रहे हैं. 15 दिन से दोनों पैरों से दिव्यांग हाथ जोड़े खड़ा है कि कोई उसकी सुन ले. इतना ही नहीं यहां कोरोना गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया जा रहा. इस वजह से स्थिति विस्फोटक होने की आशंका है.

जानकारी के मुताबिक, शासकीय गेहूं उपार्जन केंद्र आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, तामोट के प्रबंधक छबीलाल की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई. इसके बाद सेल्समैन मनोज चौहान को प्रभारी बनाया गया. लेकिन, अभी तक यहां गेहूं की तुलाई ही शुरू नहीं हुई है. सैकड़ों किसानों का माल यहां रखा है. हाताल ये हैं कि जिनका नंबर 15 दिन पहले आया था, वे अभी तक बारी का इंतजार कर रहे हैं.

रोज कार लेकर आता हूं, फिर यूं ही चला जाता हूं- किसान

यहां 15 दिनों से दोनो पैरों से दिव्यांग किसान चोखे लाल पाल जबरदस्त परेशान हो रहे हैं. वे बार-बार हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं कि उनके गेहूं की तुलाई करा दे. उन्होंने बताया कि SMS के माध्यम से  23 अप्रैल का नंबर लगा था. मैं तभी से गेंहू लेकर यहां बैठा हूं. रोज कल-और परसों की बात कही जा रही है. कभी कहा जा रहा है कि हम्माल नहीं है, तो कभी कहा जा रहा बारदाना खत्म है. कल पानी गिरने लगा था, परेशानी हो गई थी. रोज कार लेकर आता हूं फिर चला जाता हूं.

कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं

कोरोनावायरस के संक्रमण कारण यहां के पूर्व प्रबंधक छबीलाल की मौत के बाद सेल्समैन मनोज चौहान को प्रभारी बनाया गया है. इसके बाद से यहां बड़ी लापरवाही की जा रही है. सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. तुलाई में लगे मजदूर भी मास्क नहीं लगा रहे. यहां सैनिटाइजर की कोई भी व्यवस्था नहीं है. वहीं, किसान गर्मी में बैठकर गेहूं की रखवाली करने को मजबूर हैं.

कोरोना की वजह से नहीं मिल रहे हम्माल

तुलाई केंद के प्रभारी  मनोज चौहान ने कहा कि 60 हजार क्विंटल तुलाई होनी है. 30 हजार हो चुकी है. हमारे पास फिलहाल हम्माल नहीं मिल रहे हैं. कोविड की वजह से चारों ओर डर फैला हुआ है. हमने केंद्र पर मास्क-सैनेटाइजर की व्यवस्था कर रखी है. हम हम्मालों को मास्क भी दे रहे हैं. दूसरी, ओर अधिकारी भी यहां कोरोना के डर से निरीक्षण नहीं कर रहे.